गढ़वाल: राशन की दुकान में स्मैक की बिक्री, कई युवा बने नशेड़ी..अब हुआ बड़ा खुलासा

परचून की दुकान चलाने वाले युवक से तलाशी के दौरान 4.60 ग्राम स्मैक बरामद हुई। आरोपी दुकान पर आने वाले छात्रों को स्मैक बेच रहा था। आगे पढ़िए पूरी खबर
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
Srinagar Garhwal Police: Smack Sale in Srinagar Garhwal
Image: Smack Sale in Srinagar Garhwal

श्रीनगर गढ़वाल: उत्तराखंड की युवा पीढ़ी नशे के सौदागरों के निशाने पर है। पहले नशे की खरीद-फरोख्त चोरी-छिपे होती थी, लेकिन अब तो पहाड़ में छोटी-छोटी दुकानों तक में स्मैक बिकने लगी है। मामला श्रीनगर शहर का है, जहां पुलिस ने परचून की दुकान चला रहे युवक को 4.60 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। श्रीनगर में नशे के खिलाफ अभियान चल रहा है। इस दौरान पुलिस को श्रीनगर पौड़ी रोड पर पराग डेरी के पास एक परचून की दुकान में स्मैक की बिक्री होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर दबिश दी तो वहां एक युवक से 4.60 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हरियाणा का एक ट्रक ड्राइवर उसे स्मैक लाकर बेचने के लिए देता था, जिसे वह श्रीनगर के युवाओं को बेचकर ज्यादा मुनाफा कमा रहा था। आरोपी युवक की शिनाख्त आशीष रावत ग्राम गुराड़, एकेश्वर, हाल निवासी डांग श्रीनगर के रूप में हुई।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: ऋषभ बनकर दीक्षा की हत्या करने वाला इमरान बोला- ‘ मुझे उससे पीछा छुड़ाना था’
वहीं हरियाणा से स्मैक लाने वाले ट्रक ड्राइवर का नाम एहसान खान बताया जा रहा है। आशीष परचून की दुकान की आड़ में अवैध स्मैक बैचने का काम करता था। पुलिस ने पकड़े गए युवक के साथ ही स्मैक की सप्लाई करने वाले ड्राइवर के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। आपको बता दें कि पिछले दिनों श्रीनगर पुलिस ने गढ़वाल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले दो छात्रों को भी नशीले पदार्थ बेचते पकड़ा था। इन छात्रों को गरीब माता-पिता ने बड़े अरमानों से गढ़वाल यूनिवर्सिटी में पढ़ने भेजा था, लेकिन गांव के ये छात्र श्रीनगर में स्मैक की तस्करी करने लगे। इनमें से एक छात्र एमएससी और दूसरा बीए फर्स्ट इयर में पढ़ता है। इससे पहले 31 मई को भी यूनिवर्सिटी के दो छात्र चरस तस्करी करते पकड़े गए थे। श्रीनगर में इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।