गढ़वाल: 14 दिन से बंद पड़ा है चीन सीमा को जोड़ने वाला हाईवे, सेना की मुश्किलें बढ़ीं

हाईवे बंद होने पर यहां हेली सेवा की शुरुआत की गई थी, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से हेली सेवा भी ठप पड़ गई है। नीती घाटी का दूसरे क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है।
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Joshimath Malari Highway: Joshimath Malari Highway closed for 14 days
Image: Joshimath Malari Highway closed for 14 days

चमोली: उत्तराखंड में देहरादून समेत कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। बारिश की शक्ल में बरस रही आफत से हर कोई हलकान है। कहीं सड़कें सैलाब की भेंट चढ़ रही हैं तो कहीं पुल बह गए। सैकड़ों संपर्क मार्ग बंद हैं। ग्रामीण गांवों में कैद होकर रह गए हैं। चमोली में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे बीते 13 दिनों से बंद पड़ा है। हाईवे बंद होने से नीती घाटी में बसे कई गांवों का संपर्क जिला और तहसील मुख्यालय से कट गया है। यहां मौसम खराब होने की वजह से हवाई सेवा का संचालन भी नहीं हो पा रहा। गांवों में जरूरत का सामान नहीं पहुंच पा रहा, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। आपको बता दें कि नीति घाटी को यातायात से जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे तमक गांव के पास पहाड़ी दरकने से बंद हो गया था। रोड बंद हुए 13 दिन हो गए हैं, लेकिन इसके खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे।

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ऐसा नहीं है कि प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम ने हाईवे को खोलने की कोशिशें नहीं कीं, लेकिन पहाड़ से लगातार गिरते पत्थरों की वजह से मलबा हटाना मुश्किल हो रहा है। बीआरओ की ओर से हाईवे को सुचारु करने के लिये मशीनें और मजदूर तैनात किए गए हैं। कोशिशें चल रही हैं, लेकिन पहाड़ से गिर रहे पत्थरों की वजह से कामयाबी नहीं मिल रही। हर गुजरते दिन के साथ नीती घाटी में रहने वालों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। यहां अभी तक बिजली और संचार की व्यवस्था भी सुचारू नहीं हो सकी है। ऐसे में लोग जोखिम भरे पैदल मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। हालांकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम यहां पर लोगों की हरसंभव मदद कर रही है। चमोली के डीएम हिमांशु खुराना ने कहा कि घाटी में हेलीसेवा शुरु कर दी गई है, जिससे घाटी में बीमार और बुजुर्गों को आवश्यकता पड़ने पर निकाला जा सकता है। गांवों में मेडिकल टीम तैनात की गई है। हाईवे के सुचारू होने तक घाटी में हेली सेवा का संचालन किया जाएगा।