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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उत्तरकाशी: यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस, माइनस 20 डिग्री तापमान और 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज हवाएं .... इनके बीच लड़खड़ाते हुए कदम जिसके जहन में बस एक ही शब्द चल रहा था " जीत "। पीछे मुड़ने के कई बहाने थे मगर आगे बढ़ने की एक ही वजह " विजय "। इसी दृढ़ निश्चय के साथ बढ़ रहे थे कदम। वह कदम थे उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी बेटी और युवा पर्वतारोही अनामिका बिष्ट के। अनामिका बिष्ट ने यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर फतह पाली है और सफल आरोहण कर यह साबित कर दिया है कि वह किसी से कम नहीं हैं। वाकई उत्तराखंड की बेटियां हर क्षेत्र में देवभूमि का नाम रोशन कर रही हैं और उत्तराखंड को गौरवान्वित कर रही हैं। इसी के साथ अनामिका बिष्ट ने यह साबित कर दिया है कि सफलता आपको घर पर बैठे-बिठाए नहीं मिल सकती। सफलता पाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ती है। उत्तराखंड की अनामिका बिष्ट के द्वारा माउंट एलब्रुस के सफल आरोहण के बाद से ही उनके पास बधाई हो का तांता लग रखा है और स्वयं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत समेत कई लोगों ने अनामिका बिष्ट को बधाई दी है।