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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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रुड़की: जहां एक ओर पूरा देश साम्प्रदायिकता की आग में झुलस रहा है वहीं कुछ लोग यह साबित करते हैं कि इंसानियत किसी भी धर्म से परे है। इंसानियत दिखाने के लिए केवल अच्छा दिल चहिए, इसके आड़े कभी धर्म नहीं आता। रुड़की के कोतवाली के एक पुलिसकर्मी ने यही साबित किया है। मंगलौर कोतवाली के मुस्लिम पुलिस कर्मी यूनुस बेग ने रुड़की के आसफनगर झील से बीते 18 सितंबर को बरामद हुए एक लावारिस शव का बीती रात हिन्दू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया। लाश की पहचान तो नहीं हो पाई थी मगर यह कन्फर्म था कि वह हिंदू है। जिसके बाद मंगलौर कोतवाली के मुस्लिम पुलिस कर्मी यूनुस बेग ने शव का हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया। पूरा मामला आपको संक्षिप्त से बताते हैं।