उत्तराखंड: पुलिसकर्मी यूनुस बेग को सलाम, हिंदू रीति से किया लावारिस शव का अंतिम संस्कार

रुड़की के कोतवाली के एक पुलिसकर्मी ने यही साबित किया है। मंगलौर कोतवाली के मुस्लिम पुलिस कर्मी यूनुस बेग
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Yunus beg Roorkee police: Roorkee policeman yunus beg did great job
Image: Roorkee policeman yunus beg did great job

रुड़की: जहां एक ओर पूरा देश साम्प्रदायिकता की आग में झुलस रहा है वहीं कुछ लोग यह साबित करते हैं कि इंसानियत किसी भी धर्म से परे है। इंसानियत दिखाने के लिए केवल अच्छा दिल चहिए, इसके आड़े कभी धर्म नहीं आता। रुड़की के कोतवाली के एक पुलिसकर्मी ने यही साबित किया है। मंगलौर कोतवाली के मुस्लिम पुलिस कर्मी यूनुस बेग ने रुड़की के आसफनगर झील से बीते 18 सितंबर को बरामद हुए एक लावारिस शव का बीती रात हिन्दू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया। लाश की पहचान तो नहीं हो पाई थी मगर यह कन्फर्म था कि वह हिंदू है। जिसके बाद मंगलौर कोतवाली के मुस्लिम पुलिस कर्मी यूनुस बेग ने शव का हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया। पूरा मामला आपको संक्षिप्त से बताते हैं।

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मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में 18 सितंबर को आसफनगर झील में एक लावारिस शव मिला था। पांच दिन बीत जाने के बाद भी इस शव की पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन मृतक के हिन्दू होने की पहचान हो गई। 18 सितंबर को आसफनगर झील से पुलिस बरामद किए गए लावारिस शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा। पुलिस ने शव की पहचान के लिए काफी कोशिश की मगर पहचान नहीं हो सकी। पांच दिन तक शव के पहचान के प्रयास में पुलिस जुटी रही मगर अंत में असफलता हाथ लगी। 5 दिन बीत जाने के बाद भी जब शव की पहचान नहीं हो पाई तब मृतक का पोस्टमार्टम कर दिया गया था और अधिकारियों के निर्देश पर मंगलौर पुलिस के मुस्लिम पुलिसकर्मी यूनस बेग ने मौसम खराब होने के बावजूद भी हिन्दू रीति-रिवाज के साथ मृतक का अंतिम संस्कार किया।