केदारनाथ जाने का प्लान बना रहे हैं तो ध्यान दीजिए, 15 अक्टूबर तक बुकिंग फुल है

15 अक्टूबर तक ई-पास से केदारनाथ आने वाले यात्रियों की बुकिंग फुल है। इसलिए अपना प्लान 15 अक्टूबर के बाद ही बनाएं।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Kedarnath Booking full: Booking full in Kedarnath till 15 October
Image: Booking full in Kedarnath till 15 October

रुद्रप्रयाग: पाबंदियां हटते ही चारधाम यात्रा रफ्तार पकड़ने लगी है। यात्रियों के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन से जुड़े व्यवसायी भी खुश हैं। शुक्रवार को चारधाम यात्रा मार्गों पर यातायात सुचारू रहा। केदारनाथ आने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है, लेकिन ई-पास की बाध्यता होने की वजह से कई यात्रियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। अगर आप भी केदारनाथ यात्रा पर आ रहे हैं तो ई-पास होने पर ही यात्रा पर आएं। वरना यात्रा के दौरान आपको परेशानी हो सकती है। इसके अलावा एक और बात नोट कर लें। 15 अक्टूबर तक ई-पास से केदारनाथ आने वाले यात्रियों की बुकिंग फुल है। इसलिए अपना प्लान 15 अक्टूबर के बाद ही बनाएं। ये जानकारी जिलाधिकारी मनुज गोयल ने दी। रुद्रप्रयाग कलेक्ट्रेट में हुई प्रेस कांफ्रेंस में डीएम ने कहा कि कुछ लोग तीर्थयात्रियों को भ्रमित कर रहे हैं, वह ऐसे किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। ई-पास होने पर ही यात्रा पर आएं। 15 अक्टूबर तक के लिए बुकिंग फुल है।

यह भी पढ़ें - केदारनाथ धाम में आज से शुरू हो गई हेलीकॉप्टर सेवा, जानिए शेड्यूल और किराया
इसलिए जो भी केदारधाम आने की योजना बना रहा है वह फिलहाल रोक दें, रास्ते में बिना ई-पास के उसे दिक्कतें उठानी पड़ सकती है। डीएम ने कहा कि कुछ लोग तीर्थयात्रियों को भ्रमित कर रहे हैं और उन्हें झूठी सूचनाएं दे रहे हैं। ऐसे लोगों से दूर रहें। केदारनाथ यात्रा के लिए चारधाम देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर ई-पास के लिए आवेदन करने के बाद ही धाम में दर्शन किए जा सकते हैं। केदारनाथ धाम के अलावा अन्य पर्यटक स्थलों पर जाने के लिए ई-पास की जरूरत नहीं है। बता दें कि केदारनाथ में एक दिन में 800 श्रद्धालुओं को ही दर्शन की अनुमति देने की व्यवस्था है। यात्री कम होने की स्थिति में ही ई-पास से यहां पहुंचे यात्रियों को दर्शन करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इसकी संभावना भी बेहद कम है। हाल में क्षेत्र से 2500 तीर्थयात्रियों को लौटाया गया, ये लोग बिना ई-पास के आए थे। आप भी नियमों का ध्यान रखें। ई-पास के साथ सही जानकारी लेकर ही यात्रा करें।