देवभूमि में पहली बार 11,000 फीट की ऊंचाई पर होगा शिव महोत्सव.. आप भी चले आइए

चीन और नेपाल बॉर्डर पर स्थित गुंजी को भगवान शिव की धरती कहा जाता है। इस जगह पर 18 से 20 अक्टूबर तक शिव महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
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Shiva mahotsav goonji uttarakhand: Shiva mahotsav in goonji uttarakhand
Image: Shiva mahotsav in goonji uttarakhand

पिथौरागढ़: गुंजी। पिथौरागढ़ जिले में स्थित ये जगह एडवेंचर स्पोर्ट्स और बेहतरीन ट्रैक रूट के लिए मशहूर है। शीतकाल में ये इलाका 6 महीने तक बर्फ से ढका रहता है, गगनचुंबी चोटियां हर वक्त चांदी की तरह चमकती नजर आती हैं। दुनिया के सबसे खूबसूरत इलाकों में शामिल इस जगह में पहली बार शिव महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। गुंजी में पहली बार होने वाला ये आयोजन कई मायनों में खास होगा। दरअसल चीन और नेपाल बॉर्डर पर स्थित गुंजी को भगवान शिव की धरती भी कहा जाता है। यहां पर आदि कैलाश और ओम पर्वत मौजूद हैं। गुंजी कैलाश मानसरोवर यात्रा का अहम पड़ाव है। 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस जगह पर 18 से 20 अक्टूबर तक शिव महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही एडवेंचर से जुड़ी गतिविधियां भी महोत्सव में संचालित की जाएगी।

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इस महोत्सव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आपको बता दें कि कैलाश मानसरोवर यात्रा और इंडो-चाइना ट्रेड होने पर ये इलाका 4 महीने तक गुलजार रहता था, लेकिन कोरोना संकट के कारण बीते दो साल से कैलाश मानसरोवर यात्रा और इंडो चाइना ट्रेड बंद है। 2 साल से यहां सन्नाटा पसरा है। ऐसे मुश्किल भरे वक्त में अब पिथौरागढ़ प्रशासन की पहल पर उच्च हिमालयी क्षेत्र गुंजी में तीन दिवसीय शिव महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव के जरिए चीन बॉर्डर पर मौजूद व्यापारिक केंद्र गुंजी को एक नई पहचान मिलेगी। स्थानीय लोग भी शिव महोत्सव के आयोजन को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि गुंजी भारत-चीन स्थलीय व्यापार का भी महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, उम्मीद है शिव महोत्सव के माध्यम से यहां की आर्थिकी और पर्यटन संबंधी गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी, जो कि इस वक्त सबसे जरूरी है।