डीएम ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अगर कोई बोट संचालक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उनके खिलाफ तत्काल चालान की कार्रवाई की जाए।
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Komal Negi
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Image: Cruise shikara and parasailing in tehri lake
टिहरी गढ़वाल: टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटनस्थल के तौर पर डेवलप किया जा रहा है। यहां सी-प्लेन उतारने की तैयारियों के बीच जल्द ही पैरासेलिंग, क्रूज और शिकारा बोट जैसी सुविधाएं भी शुरू होंगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। डीएम ईवा ने कहा कि नई साहसिक गतिविधियों के तहत प्रथम चरण में पैरासेलिंग बोट, क्रूज बोट और शिकारा बोट संचालित किए जाने हैं। पर्यटकों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। झील में नियमों का उल्लंघन करने वाले बोट संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में लाइसेंस निर्गत समिति की बैठक हुई। जिसमें टिहरी झील में संचालित होने वाली नई साहसिक गतिविधियों पैरासेलिंग बोट, क्रूज बोट और शिकारा बोट के लिए मिले आवेदनों पर चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नई साहसिक गतिविधियों के तहत प्रथम चरण में पैरासेलिंग बोट हेतु 2, क्रूज बोट हेतु 3, शिकारा बोट हेतु 5 लाइसेंस निर्गत किए जाने हैं।
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अब तक पैरासेलिंग वोट संचालन के लिए 2, क्रूज बोट के लिए 1 और शिकारा बोट के लिए 7 आवेदन मिले हैं। डीएम ईवा ने कहा कि कि प्राप्त आवेदनों में सभी नियमों और शर्तों को पूरा करने वाले आवेदकों को 1 हफ्ते के भीतर कार्य आदेश जारी कर दिए जाएंगे। कार्य आदेश जारी होने के 9 महीने के भीतर पैरासेलिंग बोट, क्रूज बोट और शिकारा बोट को टिहरी झील में उतारना होगा। डीएम ने टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों के लिए अलग ड्रेस कोड जिसमें वर्दी, पहचान पत्र आदि शामिल करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झील में आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अगर कोई बोट संचालक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उनके खिलाफ तत्काल चालान की कार्रवाई की जाए।