अभी सुरंग का काम शुरू भी नहीं हुआ है, और कई मकान ढहने की कगार पर पहुंच गए हैं। भविष्य में दिक्कतें और बढ़ेंगी।
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Komal Negi
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Image: Danger in maroda village due to Rishikesh karnprayag rail line
रुद्रप्रयाग: खौफ के साये में जीना किसे कहते हैं, ये जानना हो तो रुद्रप्रयाग के मरोड़ा गांव चले आइए। जहां ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण का काम लोगों के लिए दहशत का सबब बन गया है। यहां मकानों एवं आंगन में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों को अनहोनी का डर सताने लगा है। उन्होंने प्रशासन व रेलेवे बोर्ड से क्षेत्र का मौका मुआयना करने की मांग की। बता दें कि प्रदेश में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन दिनों सुमेरपुर से गौचर के लिए रेल परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन जिन गांवों के नीचे सुरंग बन रही है, वहां के लोगों का चैन छिन गया है। लोगों के घरों में दरारें पड़ने लगी हैं, डर के मारे लोग रात-रातभर सो नहीं पाते। मरोड़ा गांव में भी यही हाल है। यहां कई मकानों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे भविष्य में कोई दुर्घटना घट सकती है।
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ग्रामीणों का कहना हैकि मरोड़ा के अलावा घोलतीर में भी रेलवे के कार्य की वजह से लोग परेशान हैं। अभी सुरंग का काम शुरू भी नहीं हुआ है, और कई मकान ढहने की कगार पर पहुंच गए हैं। भविष्य में दिक्कतें और बढ़ेंगी। हादसा हुआ तो जान माल का नुकसान भी हो सकता है। रेलवे लाइन निर्माण के लिए यहां लगातार विस्फोट हो रहे हैं, जिससे धरती में कंपन हो रहा है। दिन-रात निर्माण कार्य चलने से स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उन्हें किसी और जगह विस्थापित करने की मांग की। वहीं डीएम मनुज गोयल ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर उप जिलाधिकारी को भूगर्भीय टीम के साथ जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।