केदारनाथ आए श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाते वक्त हुई मौत

पश्चिम बंगाल निवासी अनूप कुमार परिवार के साथ भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए रुद्रप्रयाग पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Kedarnath west Bengal Pilgrim died: Pilgrim of west Bangal died in Kedarnath
Image: Pilgrim of west Bangal died in Kedarnath

रुद्रप्रयाग: पाबंदियों में ढील मिलते ही केदारनाथ धाम यात्रा रफ्तार पकड़ने लगी है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन करने पहुंच रहे हैं, हालांकि केदारनाथ धाम पहुंचना इतना आसान भी नहीं है। कई किलोमीटर की चढ़ाई और पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। ऐसे में श्रद्धालु का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। बीते दिन यहां एक श्रद्धालु की मौत हो गई। मरने वाले श्रद्धालु की पहचान अनूप कुमार सेनगुप्ता (63) के रूप में हुई। पश्चिम बंगाल निवासी अनूप कुमार परिवार के साथ भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए रुद्रप्रयाग पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन अनूप कुमार की रास्ते में ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बुधवार को अनूप कुमार सेनगुप्ता पुत्र सुरेश चंद्र, निवासी 222 ब्लॉक बी, बांगुर नार्थ, 24 पश्चिम बंगाल, अपनी पत्नी व बेटे के साथ केदारनाथ पहुंचे थे। वो मंदिर परिसर पहुंचने वाले थे, लेकिन वहां जाने से पहले ही अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

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परिजन बेहद घबरा गए। अनूप कुमार को तुरंत हेलीकॉप्टर से फाटा लाया गया। जैसे ही हेलीकॉप्टर से उन्हें बाहर निकाला गया, उनकी तबीयत और बिगड़ गई। वह जमीन पर गिर गए। इसके बाद हेलीपैड के कर्मचारी 108 एंबुलेंस से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फाटा ले गए। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जरूरी कार्रवाई कर शव को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेज दिया है। केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद लगातार बढ़ रही है। होटल, रेस्टोरेंट, लॉज संचालकों को अच्छी बुकिंग मिल रही है। साथ ही अन्य दुकानदारों को भी नियमित ग्राहक मिल रहे हैं। विजयदशमी के दिन द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ भगवान के मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि पंचांग गणना के आधार पर तय की जाएगी। इस मौके पर विशेष पूजा-अर्चना भी की जाएगी।