Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
नैनीताल: नैनीताल में बीते दिनों आई तबाही ने सबकी आंखों को नम कर दिया। हर जगह से आपदा की दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आईं। लोग बेबस थे, अपने साथियों को मौत के मुंह में जाता हुआ देखने पर मजबूर थे। कोई भी कुछ नहीं कर पा रहा था। खास कर कि नैनीताल में बीते दिनों हुई तबाही भरी बारिश ने कई बेकसूरों को मौत के मुंह में धकेल दिया। नैनीताल के सकुना में दो मंजिला मकान का निर्माण कर रहे 10 में से 9 मजदूर तबाही की चपेट में आ गए और उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। वहीं उनके साथ मौजूद एक साथी ने दर्द भरी दास्तां सुनाते हुए कहा कि उनकी आंखों के सामने उसके 9 साथी मौत के मुंह में समा गए और वह कुछ भी नहीं कर सका। वह लाचार था। सभी मजदूर बिहार के निवासी थे। सभी मजदूरों में से जिंदा बचकर वापस आए मजदूर का कहना है कि बारिश के कारण सभी 18 अक्टूबर को ही घर निकलना चाहते थे और हमने ठेकेदार से दिवाली और छठ पूजा में घर जाने के लिए भी कहा था। अगर हम घर चले जाते तो आज मेरे साथ ही जिंदा होते। उसने भरे हुए गले से बताया कि उसकी आंखों के सामने उसके साथी मकान के मलबे के नीचे दब गए और वह कुछ भी नहीं कर सका।