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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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नैनीताल: उत्तराखंड में जंगली जानवर दहशत का सबब बने हुए हैं. इंसानों और जानवरों के बीच मुठभेड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. गुलदार-हाथियों के साथ ही भालू के हमले की घटनाएं बढ़ी हैं. ताजा मामला नैनीताल का है, जहां ओखलकांडा ब्लॉक के एक गांव में भालू ने बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया. भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना ग्रामसभा भदरेठा के तोक पल्लीपतलोट की है, जहां 62 साल की पार्वती देवी पर भालू ने हमला कर दिया महिला ने भालू का बहादुरी से सामना किया. जब तक उसमें ताकत रही वो भालू का सामना करती रही. जब वो थक गईं तो भालू उन पर हावी हो गया लेकिन दाद देनी होगी महिला की हिम्मत की, जिन्होने हिम्मत नहीं हारी जब तक ताकत थी, पार्वती देवी भालू से दो दो हाथ करती रहीं और इस संघर्ष में आखिरकार भालू हार गया और जंगल की ओर भाग गया. हालांकि भालू के हमले में पार्वती देवी गंभीर रूप से घायल हुई. महिला चीख-पुकार सुनने पर गांव के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए पार्वती के पति मोहन परगांई ने बताया कि पतलोट से खनस्यूं तक युवाओं की मदद से पत्नी को पैदल और उसके बाद बाइक पर सड़क तक लाया गया. वहां से एंबुलेंस की मदद से हल्द्वानी भेजा गया. वहीँ भालू के हमले की बढ़ती घटनाओं से लोग डरे हुए हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से घायल के परिवार को मुआवजा देने की मांग की. साथ ही भालू पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने को भी कहा. ग्रामीणों ने कहा कि इलाके में भालू के हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं. वन विभाग को क्षेत्र में गश्त बढ़ानी चाहिए.
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