उत्तराखंड: यात्रियों के लिए अच्छी खबर, खुल गया कुमाऊं का महत्वपूर्ण रास्ता

बरसात थमने के बाद सरकारी मशीनरी तेजी से काम कर रही है। बंद पड़े पहाड़ी रास्तों को आवाजाही के लिए खोला जा रहा है।
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Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

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Kainchi bhawali khairna road: Kainchi bhawali khairna road open
Image: Kainchi bhawali khairna road open

नैनीताल: बेमौसम बारिश ने पिछले दिनों उत्तराखंड में भीषण तबाही मचाई। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक भारी नुकसान हुआ। गढ़वाल में तो फिर भी स्थिति काबू में रही, लेकिन कुमाऊं में हर तरफ आपदा से हाहाकार मच गया। कई लोगों की जान चली गई। सड़कें बह जाने की वजह से प्रभावित गांवों में समय पर राहत भी नहीं पहुंच सकी। अब भी हालात संभले नहीं है, हालांकि सरकार और प्रशासन की टीम बंद पड़ी सड़कों को खुलवाने में जुटी हुई है। बरसात थमने के बाद सरकारी मशीनरी तेजी से काम कर रही है। बंद पड़े पहाड़ी रास्तों को आवाजाही के लिए खोला जा रहा है। इसी कड़ी में कैंची-भवाली-खैरना सड़क मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। ये जानकारी नैनीताल डीएम धीराज सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने जानमाल के साथ सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। अब जिले के बाधित मार्गों को भी खोलने का काम तेजी के साथ किया जा रहा है।

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सड़कों को खोलना हमारी प्राथमिकता है, ताकि इन क्षेत्रों में यातायात सुचारू किया जा सके। सरकारी मशीनरी को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह कैंची-भवाली-खैरना सड़क मार्ग खुलने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। यहां छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। बात करें मौसम की तो 17, 18 और 19 अक्टूबर को हुई भारी बारिश के बाद आई आपदा से हालात अभी संभले भी नहीं थे कि रविवार शाम प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में एक बार फिर जोरदार बारिश हुई। इससे शासन-प्रशासन से जुड़े लोग एक बार फिर अलर्ट मोड पर आ गए, पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग भी सहमे हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दौरान राज्य में बारिश से किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है। सरकार बंद रास्तों को खोलने के साथ ही आपदा प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में जुटी हुई है।