Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम (Kedarnath kapat closed) के कपाट भैया दूज के अवसर पर सुबह आठ बजे शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ कपाट बंद होने के बाद पंचमुखी विग्रह मूर्ति विभिन्न पड़ावों से होते हुए शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी। अगले छह माह भोले बाबा के दर्शन यहीं होंगे। ग्याहरवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट आज भैया दूज पर पूजा-प्रक्रिया के बाद विधि-विधान से बंद कर दिए गए हैं। सुबह छह बजे पुजारी बागेश लिंग ने केदारनाथ धाम के दिगपाल भगवान भैरवनाथ का आह्वान कर धर्माचार्यों की उपस्थिति में स्यंभू शिवलिंग को विभूति और शुष्क फूलों से ढककर समाधि रूप में विराजमान किया। ठीक सुबह आठ बजे मुख्य द्वार के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिये गए। आगे देखिए 10 तस्वीरें
यह भी पढ़ें - देवभूमि की हरियाली देवी, यहां दिवाली पर निभाई जाती है सदियों पुरानी अद्भुत परंपरा