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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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पिथौरागढ़: तो लीजिए, क्या एक बार फिर विकास के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाया गया है? यह उत्तराखंड में नई बात नहीं है। यहां हर कोई बस जनता को मूर्ख ही बनाता है। अब पिथौरागढ़ (Pithoragarh 56 thousand water connection) में ही देख लीजिए, यहां कहा गया कि सबको जल्द ही घरों में साफ पानी मिलेगा। हर घर तक नल योजना भी करोड़ों की लागत से शुरू की गई। मगर नल लगाने के बाद शायद प्रशासन भूल गया है कि उनमें पानी आना भी इम्पोर्टेन्ट है। नल तो लग गए मगर पानी नहीं आया। करोड़ों की लागत से नल तो लगा दिए हैं मगर पानी का नामोनिशान दिख नहीं रहा है। बगैर पेयजल योजना के लगे 56 हजार नल इसका साक्षात प्रमाण हैं। पेयजल योजना कब बनेगी और कब इन 56 हजार नलों से पानी आएगा इसका अता-पता ही नहीं है। आगे पढ़िए
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