रुद्रप्रयाग: बाप के सिर चढ़ा दारू-पैसों का लालच..मानसिक दिव्यांग के साथ तय किया बेटी का रिश्ता

क्रूर पिता ने शराब और पैसों के लालच में अपनी नाबालिग बेटी की जिंदगी (Rudraprayag Jakholi Minor Wedding) लगा दी दांव पर
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पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

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Rudraprayag Jakholi Minor Wedding: Minor daughter marriage in Rudraprayag Jakholi
Image: Minor daughter marriage in Rudraprayag Jakholi

रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग (Rudraprayag Jakholi Minor Wedding) जिले में पिता और बेटी का रिश्ता शर्मसार हुआ है। यहां पर शराब और पैसों के लालच में एक कलयुगी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी का विवाह एक मानसिक दिव्यांग के साथ तय करा दिया। जी हां..जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक रुद्रप्रयाग जिले के जखोली विकासखंड में नाबालिग की मानसिक दिव्यांग से जबरदस्ती शादी हो रही थी। वह तो सही समय पर सामाजिक संस्था वहां पर पहुंच गई और शादी को रोक दिया गया। बता दें की बालिका के क्रूर पिता ने शराब और पैसों के लालच में अपनी नाबालिग बेटी की जिंदगी को दांव पर लगा दिया और उसका विवाह एक मानसिक दिव्यांग से तय कर दिया। वह तो सामाजिक संस्था समूण और वन स्टॉप सेटर के प्रयास से यह विवाह सही समय पर रोक दिया गया। आगे पढ़िए जखोली ब्लॉक की ये पूरी कहानी

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समूण के संस्थापक कमल जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनको यह जानकारी मिली कि रुद्रप्रयाग जखोली ब्लॉक के अंतर्गत विकासखंड में एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी का विवाह एक मानसिक दिव्यांग से तय कर दिया है। आरोपी पिता ने शराब और पैसों के लालच में अपनी बेटी का विवाह उसकी मर्जी के बगैर तय कर दिया। बालिका विवाह नहीं करना चाहती थी। जिस मानसिक दिव्यांग के साथ नाबालिग का रिश्ता तय किया गया था उसके माता-पिता ने भी कोई आपत्ति नहीं दिखाई और तो और नाबालिग की खुद की मां ने भी अपने पति के निर्णय को गलत नहीं ठहराया और वे भी अपनी बेटी की शादी के लिए तैयार हो गई। 12 दिसंबर को शादी की तारीख तय कर दी गई थी। वह तो कुछ जागरूक लोगों ने चाइल्ड वेलफेयर एसोसिएशन रुद्रप्रयाग से संपर्क किया और उन्होंने बाल संरक्षण विभाग को भी इस बारे में बताया मगर दोनों विभागों ने इस बारे में कोई भी रुचि नहीं ली। आगे पढ़िए

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इसके बाद उन्होंने महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट से संपर्क साधा और उन्होंने अपनी टीम को गांव में भेजा जहां पर उन्होंने यह विवाह होने से रोका। टीम ने बालिका के शिक्षण से संबंधित प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज देखे तो उसमें उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई। मासूम ने बताया कि उसके पिता ने उसकी मर्जी के बगैर ही एक मानसिक दिव्यांग से रिश्ता तय कर दिया है जिससे उसे अभी तक मिलवाया ही नहीं गया है। इसके बाद लड़के के पिता और लड़के को बुलाया गया और उनसे बातचीत की गई। लड़के के पिता ने बताया की शादी के कार्ड बांटने के साथ ही पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। जब वह विवाह करने की जिद पर अड़े रहे तो उनको सख्ती से कानून प्रावधान समझाए गए। लड़की के माता-पिता को भी समझाया गया जिसके बाद उन्होंने भी शादी (Rudraprayag Jakholi Minor Wedding) ना कराने की बात मान ली।