Dehradun में 8 micro containment zones बनाए गए हैं। हम आपको बता रहे हैं कि देहरादून में कहां-कहां कंटेनमेंट जोन बन गए हैं।
Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
Image: 8 New Coronavirus Micro Containment Zones in Dehradun Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया था कि उत्तराखंड में coronavirus धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और सरकार एक्टिव हो गई है। Dehradun में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ने लगी है। खासकर देहरादून में विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Dehradun में 8 नए Micro Containment Zones :
दरअसल बीते 2 दिन में उत्तराखंड में 350 से ज्यादा मरीज कोरोनावायरस संक्रमित मिले हैं। अकेले देहरादून में 100 से ज्यादा मरीज कोरोनावायरस संक्रमित मिले हैं। ऐसे में देहरादून में 8 नए कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। हम आपको बता रहे हैं कि देहरादून में कहां-कहां कंटेनमेंट जोन बन गए हैं। देहरादून शहर के लुनिया मोहल्ला में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है, मसूरी के देव निकेतन में 6 मरीज मिलने के बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है.. आगे पढ़िए...
पशुलोक में कृष्णा गली नंबर 2 में 3 मरीज मिले हैं यहां भी माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है, दून विहार जाखन में 2 मरीज मिलने के बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है, सेलाकुई के नगर निगम रोड में 2 मरीज मिलने के बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।
इसके अलावा पीएनबी एनक्लेव माजरा में 4 मरीज मिलने के बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है, अंसारी मार्ग बिंदाल पुल में 2 मरीज मिलने के बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है, विस्थापित कॉलोनी सनशाइन अपार्टमेंट में भी 2 मरीज मिलने के बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। आगे पढ़िए...
अब देहरादून में कुल 15 माइक्रो कंटेनमेंट जोन
ऐसे में देहरादून में अब कुल मिलाकर 14 माइक्रो कंटेनमेंट जोन हो गए हैं। यह 6 माइक्रो कंटेनमेंट जोन पहले बने हुए थे और 8 जोन आज बनाए गए हैं।
आपको बता दें कि 3 या इससे ज्यादा कोरोनावायरस संक्रमित मलिक मरीज मिलने पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने का प्रावधान रखा गया है। अब ओमिक्रोन वायरस की संभावना को देखते हुए भी स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस दी है।