Parvovirus से संक्रमित कुत्तों के व्यवहार में कई तरह के बदलाव आते हैं। यह वायरल बीमारी है। समय पर इलाज न मिले तो कुत्ते की जान जा सकती है।
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कोमल नेगी
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Image: Dogs getting sick from Parvovirus in Uttarakhand
उधमसिंह नगर: इंसानों के लिए कोरोना एक बार फिर दहशत का सबब बनता जा रहा है, तो वहीं उत्तराखंड में कुत्ते Parvovirus की चपेट में आकर जान गंवा रहे हैं। डरे हुए डॉग लवर अपने पालतू कुत्तों की जान बचाने के लिए पशु चिकित्सालय पहुंच रहे हैं, ताकि वैक्सीन लगवा कर अपने पालतू कुत्तों को जानलेवा बीमारी से बचा सकें। पार्वो वायरस से इंसानों को कोई खतरा नहीं है, लेकिन अगर किसी कुत्ते में इसके लक्षण दिखें तो इलाज में देरी न करें। पार्वो वायरस से संक्रमित कुत्तों के व्यवहार में कई तरह के बदलाव आते हैं। यह वायरल बीमारी है। समय पर इलाज न मिले तो कुत्ते की जान जा सकती है। काशीपुर में मौसम बदलने से कुत्ते पार्वो वायरस की चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी से कुत्तों की आंत में संक्रमण फैल रहा है। बीमारी से कुत्तों की मौत के मामले भी सामने आए हैं। काशीपुर में राजकीय पशु चिकित्सालय में इन दिनों लगभग 15 कुत्ते रोजाना पहुंच रहे हैं।
इसमें से करीब 10 कुत्तों में पार्वो वायरस होने की पुष्टि की जा रही है। कुत्तों की हालत तेजी से बिगड़ने के चलते लोग परेशान हैं। काशीपुर के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश दुम्का के अनुसार सर्दी की वजह से ये वायरस कुत्तों में सक्रिय हो जाता है। बीमार पड़ने से पहले कुछ ऐसे लक्षण नजर आते हैं, जिससे आप आसानी से जान सकते हैं कि आपका कुत्ता वायरल संक्रमित हो चुका है। वायरस की चपेट में आते ही कुत्तों को उल्टी और खूनी दस्त होने शुरू हो जाते हैं। वह खाना-पीना छोड़ देते हैं। समय पर टीकाकरण न कराए जाने पर कुत्ते की मौत भी हो जाती है। इस से बचाव का एक ही उपाय है कि पालतू कुत्ते को वैक्सीन लगवाएं। पशु चिकित्सालय ने कुत्ता पालकों को टीकाकरण कराने की हिदायत दी है, ताकि Parvovirus से कुत्तों को बचाया जा सके।