Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
पौड़ी गढ़वाल: 24 फरवरी 2020 का दिन उत्तराखंड को बड़ा दर्द दे गया। दिल्ली में भड़के दंगों के दौरान पहाड़ के बेटे दिलबर नेगी की हत्या कर दी गई। दंगाईयों ने दिलबर को गोदाम में जिंदा जला दिया था। पहाड़ के हजारों दूसरे बेटों की तरह दिलबर भी रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली गया था। वहां मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार पाल रहा था, लेकिन दंगाईयों की मनहूस नजर दूसरे लोगों की तरह दिलबर को भी लील गई। आज हम इस खबर की याद इसलिए दिला रहे हैं, क्योंकि दिलबर के हत्यारों को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। दिलबर के हत्यारोपियों को जमानत दिए जाने का चारों ओर कड़ा विरोध हो रहा है। हत्या के आरोपियों में मोहम्मद ताहिर, शाहरुख, मो. फैजल, मो. शोएब, राशिद और परवेज शामिल हैं। इन पर फरवरी 2020 में गोकुलपुरी की एक मिठाई की दुकान में तोड़फोड़ और आगजनी का आरोप था। इसी घटना में पौड़ी गढ़वाल का 22 वर्षीय युवक दिलबर नेगी भी चपेट में आ गया था।
दंगों में उसकी मौत हो गई थी। हिंदू विरोधी दंगों के दौरान गोकुलपुरी स्थित अनिल स्वीट कॉर्नर में दंगाईयों ने आगजनी कर दी थी। दिलबर यहीं काम करता था। दंगाइयों की भीड़ ने उसके हाथ-पैर काटकर उसे आग में जला दिया था। दिलबर घटना से छह महीने पहले ही अपने पैतृक राज्य उत्तराखंड से नौकरी की तलाश में दिल्ली आया था। उसकी लाश घटना के दो दिन बाद जली हुई हालत में बरामद हुई। तस्वीरें इतनी भयानक थीं कि देखकर हर किसी का कलेजा कांप गया। बताया जाता है कि जब शव को लोगों ने देखा तब भी वह जल रहा था। मामले की छानबीन और जांच के बाद 4 जून 2020 को चार्जशीट दाखिल की गई। इस चार्जशीट में 6 आरोपियों के नाम थे। दिलबर के परिवार वाले बेटे के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। उन्हें न्याय पर भरोसा है, लेकिन दिलबर के कातिलों की जमानत के फैसले ने उन्हें तोड़कर रख दिया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपितों की जमानत का कड़ा विरोध किया था। हालांकि दलीलें सुनने के बाद जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने इस मामले में सभी आरोपियों को जमानत दे दी है।