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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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देहरादून: पहाड़ की होनहार बेटियां रक्षा, विज्ञान और अभिनय से लेकर संस्कृति के संरक्षण तक हर क्षेत्र में अपना अहम योगदान दे रही हैं। देहरादून में रहने वाली छात्रा अंजू उत्तराखंड की ऐसी ही होनहार बेटियों में से एक हैं। अंजू ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कला-उत्सव प्रतियोगिता 2021-22 में पारंपरिक लोकवाद्य-यंत्रविधा के तहत ढोल वादन में पहला स्थान प्राप्त किया है। बीते दिनों केंद्र सरकार की ओर से कला-उत्सव कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीयस्तर पर विभिन्न विधाओं में वर्चुअल माध्यम से प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। एक से 12 जनवरी तक आयोजित प्रतियोगिता में उत्तराखंड की अंजू पहला स्थान हासिल करने में सफल रहीं। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि छात्रा अंजू ने हारूल जैंता, नाटी रासो आदि धुनों पर ढोल वादन में प्रस्तुति दी थी। ढोल वादन में अंजू के साथ संगतकर्ता के रूप में दमाऊ पर साधना और रणसिंहा पर रिंकी द्वारा संगत की गई।
मंगलवार को केंद्र सरकार की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का परिणाम जारी किया गया। जिसमें अंजू प्रथम रहीं। अंजू जीजीआईसी हरिपुर कालसी की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि से उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। अंजू इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुकी हैं। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से हर साल लोककलाओं के संवर्धन एवं विकास के लिए माध्यमिक स्कूलों के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न विधाओं में कला उत्सव प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। कला-उत्सव का आयोजन विद्यालय स्तर से जनपद स्तर, राज्यस्तर एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता के रूप में विभिन्न चरणों में होता है। इसी प्रतियोगिता में पहाड़ की अंजू पहला स्थान हासिल करने में सफल रही हैं। राज्य समीक्षा टीम की ओर से अंजू को शुभकामनाएं, उनकी सफलता का सफर यूं ही जारी रहे। हम यही कामना करते हैं।