बधाई: गढ़वाल यूनिवर्सिटी के 5 छात्रों ने ढूंढ निकाला क्षुद्र ग्रह, NASA से मिला अप्रूवल

गढ़वाल विश्वविद्यालय के 5 शोधछात्रों के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि, उनके द्वारा खोजे गए क्षुद्रग्रह को नासा ने दी स्वीकृति,
Advertisement चारधाम यात्रा 2026 पैकेज बुकिंग शुरू! ये ऑफर मिस किया तो पछताओगे

चारधाम यात्रा 2026 का सबसे सस्ता पैकेज? कीमत जानकर चौंक जाएंगे!

Example Ads Media
Hnb garhwal University: Hnb garhwal University students research on asteroid
Image: Hnb garhwal University students research on asteroid

श्रीनगर गढ़वाल: श्रीनगर पौड़ी गढ़वाल के केंद्रीय विश्वविद्यालय के खाते में बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के 5 शोध छात्रों द्वारा खोजे गए एक क्षुद्रग्रह की रिपोर्ट को नासा ने स्वीकृति दे दी है। जी हां, अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय खोज कार्यक्रम के तहत नासा के सहयोग से इस शोध परियोजना के लिए विश्वविद्यालय के 5 छात्रों ने हवाई विश्वविद्यालय अमेरिका के पेन स्टार्स टेलीस्कोप की सहायता ली। शोध छात्रों ने ने भौतिक विज्ञानी डॉ आलोक सागर गौतम के नेतृत्व में लगातार एक महीने तक मेहनत की और शोध कार्य करने के बाद खोजे गए चार क्षुद्रग्रह की रिपोर्ट नासा को भेजी जिनमें से एक रिपोर्ट को नासा ने प्रारंभिक खोज के रूप में स्वीकार कर लिया है। बता दें कि इस क्षुद्रग्रह को पी 11 एनवाई आइए नाम दिया गया है। दरअसल गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग ले भौतिक विज्ञानी डॉ आलोक सागर गौतम ने बताया कि इसके लिए विश्वविद्यालय के शोध छात्र संजीव कुमार, महावीर प्रसाद, करण सिंह, शिवानी और प्रवीण कुमार का चयन हुआ था। इसके बाद इन छात्रों ने पेन स्टार्स टेलीस्कोप से प्राप्त खगोलीय डेटा के आधार पर उनके निर्देशन में पृथ्वी के पास स्थित नियर अर्थ ऑब्जेक्ट और मंगल एवं बृहस्पति ग्रह के मध्य स्थित शुद्र ग्रहों की खोज की। छात्रों ने 1 महीने तक लगातार शोध कार्य करने के बाद चार क्षुद्र ग्रहों की रिपोर्ट नासा को भेजी और उनमें से एक रिपोर्ट नासा ने प्रारंभिक खोज के रूप में स्वीकार कर ली है। डॉ गौतम के अनुसार एस्ट्रॉयड सर्च कैंपेन में गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के छात्रों का चयन होना गौरव की बात है।अंतर्राष्ट्रीय खगोल संघ की ओर से डॉ गौतम एवं शोध छात्रों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है।