शिक्षिका बसंती भट्ट और उनकी मासूम बेटी बारात में शामिल होने नहीं गई थीं, लेकिन वह शायद मौत ही थी, जिसने उन्हें वहां बुलाया था.
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: Basanti Bhatt and her daughter died in Champawat road accident
चम्पावत: चंपावत में हुई अनहोनी उत्तराखंड को एक बार फिर बड़ा जख्म दे गई। डांडा क्षेत्र में सोमवार रात बारात से लौट रहा एक वाहन खाई में गिर गया, जिससे वाहन में सवार 14 लोगों की मौत हो गई। बचाव टीम मौके पर पहुंची तो खाई में हर तरफ लाशें ही लाशें बिखरी थी, जिन्हें देख वहां मौजूद लोगों का कलेजा मुंह को आ गया। क्षेत्र में कोहराम मचा है। इस हादसे में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई। उनमें 35 साल की शिक्षिका बसंती भट्ट और उनकी 4 साल की बेटी दिव्यांशी भी शामिल है। बसंती और उनकी मासूम बेटी बारात में शामिल होने नहीं गई थीं, लेकिन वह शायद मौत ही थी, जिसने उन्हें वहां बुलाया था। घटना वाले दिन बसंती को चंपावत से अपने मायके डांडा जाना था, लेकिन गाड़ी नहीं मिलने की वजह से वह शाम को रोडवेज की बस से टनकपुर चली गईं। बसंती को उम्मीद थी कि वहां से डांडा के लिए बस मिल जाएगी, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी उसे कोई बस नहीं मिली। बसंती को पता था कि डांडा से टनकपुर बारात आई है। बसंती ने उसी वाहन से डांडा गांव जाने का फैसला लिया, जो कि दुर्भाग्य से गलत साबित हुआ। आगे पढ़िए
भाग्य की विडंबना देखिए कि बसंती अपनी बेटी के साथ जिस मैक्स वाहन में सवार होकर डांडा गांव के लिए निकलीं, वो बीच रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में 14 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। जिनमें शिक्षिका बसंती भट्ट और उनकी 4 साल की बेटी दिव्यांशी भी शामिल है। बसंती भट्ट प्राथमिक विद्यालय, डांडा में शिक्षिका थीं। उनका ससुराल चंपावत के जूप गांव में है। बसंती के पति भी इंटर कॉलेज में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जिन्होंने एक ही दिन में अपनी पत्नी और बेटी दोनों को खो दिया। पूरा परिवार उजड़ गया। हादसे के बाद मृतक के घर और मायके में कोहराम मचा है। बता दें कि टनकपुर-चम्पावत हाईवे से जुड़ी सूखीढांग-डांडामीनार रोड पर वाहन दुर्घटना में 16 में से 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वाहन में सवार सभी लोग टनकपुर के पंचमुखी धर्मशाला में हुई शादी में शामिल होकर घर लौट रहे थे।