उत्तराखंड की यादें लेकर वापस चला ‘पुष्पा’, गढ़वाल में बिताए सुकून के पल

पुष्पा फिल्म की अपार सफलता के बाद मशहूर अभिनेता Allu Arjun aka Pushpa सुकून के कुछ पल बिताने के लिए Uttarakhand आए थे।
Advertisement ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Allu Arjun aka Pushpa Uttarakhand: Allu Arjun aka Pushpa spends holidays in Tehri Garhwal
Image: Allu Arjun aka Pushpa spends holidays in Tehri Garhwal

देहरादून: साउथ इंडियन फिल्म पुष्पा द राइज का खूब बज बना हुआ है। देशभर में फिल्म को जबर्दस्त रेस्पांस मिला। फिल्म के सुपरहिट होते ही इस फिल्म के हीरो अल्लू अर्जुन घर-घर में पहचाने जाने लगे।

Allu Arjun aka Pushpa spends holidays in Tehri Garhwal

फिल्म की अपार सफलता के बाद मशहूर अभिनेता अल्लू अर्जुन सुकून के कुछ पल बिताने के लिए उत्तराखंड आए थे। यहां कुछ दिन बिताने के बाद गुरुवार को वो अपने निजी चार्टर विमान से वापस लौट गए। बीती शाम चार बजे जब अल्लू अर्जुन जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें फैंस की भीड़ ने घेर लिया। लोग उनसे साथ में फोटो खिंचवाने का निवेदन करने लगे। अभिनेता ने भी प्रशंसकों को निराश नहीं किया और एयरपोर्ट पर मौजूद प्रशंसकों के साथ कई फोटो खिंचवाई। अल्लू अर्जुन की इस सादगी ने लोगों का दिल छू लिया। बता दें कि सुपरहिट फिल्म पुष्पा-द राइज के स्टार अल्लू अर्जुन फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से दूर आराम फरमाने के लिए एक हफ्ते पहले उत्तराखंड पहुंचे थे। वो यहां नरेंद्रनगर स्थित होटल आनंदा में रुके हुए थे। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में शांति के पल बिताए। साउथ के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा-द राइज' ने कोरोना काल में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था। लाल चन्दन की तस्करी पर केंद्रित इस फिल्म ने न केवल साउथ में बल्कि नॉर्थ बेल्ट और वर्ल्डवाइड भी अच्छा कलेक्शन किया। पुष्पा ने वर्ल्डवाइड 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस किया था। साउथ सिनेमा का नाम आते ही लोगों के दिमाग में अल्लू अर्जुन का नाम जरूर आता होगा। अल्लू की एक्टिंग तो बेहतरीन है ही लेकिन उनका स्टाइल भी लाजवाब है। पिछले दिनों अभिनेता अल्लू अर्जुन बिना बॉडीगार्ड और सुरक्षा के उत्तराखंड पहुंचे थे।