ऋषिकेश, उधमसिंह नगर, टिहरी, कालागढ़ में उतरेंगे सी प्लेन..पर्यटन के लिए होगा बड़ा काम

योजना में ऊधमसिंहनगर के हरिपुरा जलाशय, ऋषिकेश बैराज, टिहरी झील, नानकमत्ता बैराज और कालागढ़ झील को शामिल किया गया है।
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

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Tehri Garhwal SeaPlane: Preparations to land a seaplane in Tehri Udham Singh Nagar Rishikesh
Image: Preparations to land a seaplane in Tehri Udham Singh Nagar Rishikesh

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा। यहां की झीलों और नदियों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। टिहरी झील पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन कर उभरी है। अब सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए टिहरी समेत पांच जलाशयों में सी-प्लेन उतारने की तैयारी कर रही है। जिन जगहों पर सी-प्लेन उतारे जाएंगे, वहां का अध्ययन कर लिया गया है।

Uttarakhand SeaPlane project details

अब उत्तराखंड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण यूकाडा को केंद्र सरकार द्वारा सागरमाला परियोजना के अंतर्गत बनाई गई एसपीवी (विशेष साधन योजना) के साथ करार करना है। एसपीवी इन जगहों पर ढांचागत विकास के साथ ही सी-प्लेन संचालन में प्रदेश सरकार का तकनीकी सहयोग करेगी। उत्तराखंड की ओर से 5 जगहों पर सी-प्लेन उतारने की संभावना का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। जिनमें ऊधमसिंहनगर का हरिपुरा जलाशय, ऋषिकेश बैराज, टिहरी झील, नानकमत्ता बैराज और कालागढ़ झील को शामिल किया गया है। केंद्र ने इन स्थानों पर सी-प्लेन के संचालन के संबंध में अध्ययन करने को कहा था। आगे पढ़िए

अध्ययन के दौरान इन सभी स्थानों को सी-प्लेन के लिए उपयुक्त पाया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा इसकी रिपोर्ट केंद्र को भेज दी गई है। अब इसके लिए केंद्र द्वारा गठित एसपीवी से करार किया जाना है। यहां आपको सी-प्लेन के बारे में भी जानना चाहिए। यह एक विशेष प्रकार का हवाई जहाज है। जिसे उड़ान भरने के लिए रनवे की जरूरत नहीं पड़ती। यह प्लेन पानी से टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है इस प्लेन का उपयोग पर्यटन गतिविधियों के अलावा रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किया जाता है। साल 2019 में प्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच यहां वाटर एयरोड्रम बनाने के लिए करार हुआ था। वाटर एयरोड्रम ऐसी जगह पर बनेगा, जहां मोटर बोट के संचालन को अनुमति नहीं होगी। इस योजना को केंद्र ने नए स्वरूप में लिया है। इसके लिए केंद्र ने सागरमाला परियोजना के अंतर्गत एक एसपीवी का गठन किया है। जो देश के अलग-अलग राज्यों में सी प्लेन संचालन के लिए ढांचागत व तकनीकी सहयोग देगी। सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर ने कहा कि इसकी पत्रावली केंद्र को भेज दी गई है। आचार संहिता के कारण फिलहाल काम रुका हुआ है। आचार संहिता खत्म होने के बाद नई सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार इस काम को आगे बढ़ाया जाएगा।