चमोली जिले स्थित Rudranath temple में Unknown लोगों ने sabotaged जैसी हरकत की है। इसे लेकर घाटी के लोगों में काफी गुस्सा है।
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कोमल नेगी
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Image: Unknown people sabotaged in Chamoli Rudranath temple
चमोली: शीतकाल में चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के कपाट बंद रहते हैं। मान्यता है कि इस अवधि में भगवान साधना में लीन रहते हैं। इस दौरान यहां बिना अनुमति के किसी के भी जाने की मनाही है, लेकिन इस बार शीतकाल में यहां पर्यटक बनकर आए कुछ लोगों ने मंदिर में खूब तोड़फोड़ की।
Unknown people sabotaged in Rudranath temple
चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के मंदिर, धर्मशाला और पुजारी आवास में दरवाजे तक तोड़ दिए गए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ अब भी कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे जनता में आक्रोश है। गोपेश्वर में नागरिकों ने मंदिर की सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। घटना के विरोध में बाजार भी बंद रहा। बता दें कि रुद्रनाथ मंदिर गोपेश्वर शहर से 19 किलोमीटर दूर है। मंदिर के पुजारियों और आम जनता का कहना है कि शीतकाल में मंदिर के गर्भगृह का दरवाजा तोड़ने की घटना से सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
इस मुद्दे को लेकर सुबह गोपीनाथ मंदिर में बैठक हुई। बैठक के बाद आक्रोशित नागरिकों ने शहर में जुलूस निकालकर जिलाधिकारी दफ्तर का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मंदिर में इस तरह की घटना पहले भी घट चुकी है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हो रहे हैं। पुजारियों और आम नागरिकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। जिसमें शीतकाल में हुई इस घटना की निष्पक्ष जांच कर तत्काल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। नागरिकों ने मंदिर की सुरक्षा के इंतजाम करने की भी मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उधर, मामले को लेकर जिलाधिकारी हिमांशु खुराना का कहना है कि एक टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। टीम के लौटने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चमोली जिले स्थित Rudranath temple में Unknown लोगों ने sabotaged जैसी हरकत की है। इसे लेकर घाटी के लोगों में काफी गुस्सा है।