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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड हमारा प्रमुख संकल्प है, जिसे हमारी सरकार पूरा करेगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी काशीपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड समेत राज्य के विकास को लेकर कई बातें कहीं। बांसखेड़ा के प्राथमिक स्कूल के रूपांतरण कार्यक्रम में पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट मीटिंग में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किए जाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए एक कमेटी बनाई जा रही है। उन्होंने दूसरे राज्यों से भी यूनिफॉर्म सिविल कोड को अपने राज्य में लागू करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता व इस पर अंकुश के लिए 1064 का नंबर शुरू किया गया है। इसके लांच होते ही शिकायत मिलने पर कार्रवाई शुरू हो गई है। जटिल सरकारी प्रक्रियाओं को आसान करने की कवायद जारी है। आगे जानिए क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड
यूनिफॉर्म सिविल कोड को हिंदी भाषा में समान नागरिक संहिता कहा जाता है। इसका बेहद सरल अर्थ है देश के हर शहरी के लिए एक जैसा कानून लागू हो। इसके तहत एक शहरी किसी भी धर्म-मज़हब से संबंध रखता हो, सभी के लिए एक ही कानून होगा। इसको धर्मनिर्पेक्ष कानून भी कहा जा सकता है। इसका मतलब विवाह, तलाक और जमीन जायदाद के मामलों में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून होगा। ताज्जुब की बात है कि अब तक आपने अलग-अलग राज्यों के अलावा केंद्र सरकार की तरफ से भी कई बार यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की बात सुनी होगी लेकिन इस पर कोई अमल नहीं हो पाया है। देश का सिर्फ एक ही राज्य ऐसा है जहां पर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू है। उस राज्य का नाम है गोवा। इस राज्य में पुर्तगाल सरकार ने ही यूनिफार्म सिविल कोड लागू किया था। अब उत्तराखंड के सीएम धामी यूनिफॉर्म सिविल कोड को उत्तराखंड में लागू करने की ओर जोरों-शोरों से काम कर रहे हैं।