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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
रुद्रप्रयाग: क्या आप भी केदारनाथ आने की सोच रहे हैं और केदारनाथ आने से पहले आप भी हेली सेवा की बुकिंग करवाना चाहते हैं? तो इस खबर को अंत तक पढ़ें क्योंकि हेली सेवा की बुकिंग के नाम पर खूब फ्रॉड हो रहा है और यह फ्रॉड लोग अब तक लोगों से लाखों रुपए ऐंठ चुके हैं।
सबसे पहले तो आपको यह बता दें कि केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा की ऑनलाइन बुकिंग का पहला शॉट फुल हो चुका है। दूसरे स्लॉट की बुकिंग 20 मई के आसपास शुरू होगी। ऐसे में अगर आप इन दिनों बुकिंग करवाने की सोच रहे हैं तो जरा सतर्क हो जाइए क्योंकि इन दिनों केदारनाथ में हेली सेवाओं की बुकिंग बंद हो रखी है। मगर इंटरनेट पर एक फर्जी वेबसाइट के जरिए इसी बात का फायदा उठाते हुए कुछ फरेबी अब तक कई लोगों को लूट चुके हैं। झूठ और फरेब का जाल बिछा कर पैसे कमाने वालों की कमी नहीं है और अब केदारनाथ में हेली सेवाओं की बुकिंग के नाम पर भी ऐसी ही धांधली हो रही है। यहां हेली सेवाओं के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी हेलीकॉप्टर सेवा के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराने जा रहे हैं तो जरा होशियार हो जाइए क्योंकि उत्तराखंड ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत देशभर के कई राज्यों के लोग हेलीकॉप्टर की बुकिंग कराने के चक्कर में हजारों की रकम गंवा रहे हैं। ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले यह शातिर चोर बड़ी ही चतुराई से लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं। "हिमालयन हेली सर्विस" नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर यह ऑनलाइन ठग लोगों को ठग रहे हैं। यह बिल्कुल असली जैसी ही दिखती है। इसके जरिए कई लोग हेलीकॉप्टर की बुकिंग कराते हैं और उनके जाल में फंस जाते हैं। सबसे पहले आपको मुंबई का केस बताते हैं। आगे पढ़िए
यहां पर कॉलेज में प्रोफेसर और पनवेल निवासी 53 वर्ष के धनंजय राख ने ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने सिरसी से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा बुक की तो उनको इंटरनेट से एक वेबसाइट का लिंक मिला और यहीं से शुरू हुई फ़्रॉड की कहानी। उन्होंने जैसे ही केदारनाथ की हेली सेवा संबंधी सर्च गूगल पर की तो उन्हें हिमालयन हेली सर्विस का वेबपेज मिला। यहां पर आकाश सिंह का नंबर था जिसमें किराया प्रति व्यक्ति ₹4,880 बताया गया और व्हाट्सएप नंबर पर हर पैसेंजर के आधार कार्ड की फोटो कॉपी मंगवाई। इसके बाद उसने अलग-अलग बैंक अकाउंट में रकम ट्रांसफर करवाई। बैंक अकाउंट हिमालयन हेली सर्विसेज के नाम पर था जब उन्होंने दो बार रकम ट्रांसफर की तो उसने पेमेंट रिसीव नहीं होने की बात की। तब जाकर प्रोफेसर राख को शक हुआ जब उन्होंने देहरादून में स्थित अपने दोस्त से बात की तो उसने बताया कि फिलहाल हेली सर्विस की बुकिंग नहीं हो रही है। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज की। इसी फर्जी वेबसाइट की चपेट में छत्तीसगढ़ के होटल व्यवसाई भी आ गए। उन्होंने भी वेबसाइट पर फोन के जरिए टिकट बुक की और 4 टिकटों के हिसाब से 23,600 का पेमेंट हुआ लेकिन टिकट नहीं रिसीव हुई। पेमेंट के बाद से ही नंबर बंद आ रहा है। उत्तराखंड पुलिस के पास ऐसे ही आधे दर्जन से ज्यादा मामले हैं जिनके साथ में हेली सर्विस के नाम पर ठगी हुई है। वहीं डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि पुलिस उन पर कार्यवाही कर रही है। डीजीपी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बुकिंग कराने से पहले वेबसाइट की प्रमाणिकता परख लें।