Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में एक दुखद हादसे में 7 महीने की बच्ची की झुलस कर मौत हो गई। बच्ची रेंगते हुए जलते चूल्हे के पास पहुंच गई थी, परिवार वाले कुछ समझ पाते इससे पहले ही आग ने बच्ची को चपेट में ले लिया।
बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, उसे हायर सेंटर ले जाया जा रहा था, लेकिन अफसोस कि मासूम बच नहीं सकी। आधे रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना भिकियासैंण के छबोलाछना गांव की है। गुरुवार सुबह यहां रहने वाले खीमाराम कमरे में सो रहे थे। पत्नी सुबह उठी तो गौशाला में चली गई। थोड़ी देर बाद उनकी सात महीने की बेटी भी उठ गई। बताया जा रहा है कि वह रेंगते हुए जलते हुए चूल्हे के पास पहुंच गई। अचानक आग ने बच्ची को चपेट में ले लिया। खीमाराम को भी घटना का पता नहीं चल पाया। कुछ देर बाद मां गौशाला से लौटकर घर पहुंची तो बच्ची को आग की चपेट में देखा। मां के पहुंचने तक बच्ची काफी झुलस गई थी। आनन-फानन में परिजन बच्ची को इलाज के लिए सीएचसी देघाट ले गए। गंभीर हालत देखकर डॉक्टरों ने उसे हल्द्वानी के एसटीएच रेफर कर दिया। बच्ची को 108 एंबुलेंस से हल्द्वानी ले जाया जा रहा था, लेकिन आधे रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। अचानक हुए इस हादसे के बाद बच्ची के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम पसरा है