मंगलवार को केदारनाथ धाम में भारी बारिश और बर्फबारी हुई। हालात इतने बिगड़े कि चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी गई। इस दौरान हजारों यात्री जगह-जगह फंसे रहे।
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कोमल नेगी
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Image: Kedarnath Yatra resumes
रुद्रप्रयाग: पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम चारधाम यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। मंगलवार को केदारनाथ धाम में भारी बारिश और बर्फबारी हुई। हालात इतने बिगड़े कि चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी गई। हवाई सेवाओं का संचालन भी बंद कर दिया गया था
Kedarnath Yatra resumes
बुधवार की सुबह केदारनाथ जाने वाले यात्रियों के लिए राहतभरी खबर लेकर आई। मौसम साफ होते ही केदारनाथ यात्रा फिर से शुरू हो गई है। हेलीकॉप्टर सेवा भी सुचारू कर दी गई है। बता दें कि मंगलवार को केदारनाथ धाम में बर्फबारी के कारण तापमान माइनस चार डिग्री तक पहुंच गया था। यात्रा पर अस्थाई रोक लगने के बाद 10 हजार से 12 हजार श्रद्धालुओं को केदारनाथ में ठहराया गया। गौरीकुंड से घोड़ा खच्चरों की आवाजाही भी रोकनी पड़ी। यहां से महज पैदल चलने वाले यात्रियों को 12 बजे तक सुरक्षित स्थानों पर रोकते हुए यात्रा करने की अनुमति दी गई। केदारनाथ भेजे गए यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर रुकने की सलाह दी गई थी।
धाम में लगातार जारी बर्फबारी के कारण गौरीकुंड, सोनप्रयाग और फाटा में दस हजार से अधिक तीर्थयात्री रुके हुए थे। पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एहतियातन एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की हुई थी। बीते दिन केदारनाथ में 5 इंच बर्फबारी हुई है। बारिश के चलते यात्रा पड़ाव जंगलचट्टी, भीमबली, लिंचौली और बेस कैंप में भी यात्रियों की भीड़ रही। खराब मौसम के चलते क्योंकि हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद कर दी गई थीं, इसलिए हेलीपैड में भी यात्रियों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ी। हालांकि बुधवार को मौसम साफ होने से थोड़ी राहत मिली है। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा फिर से सुचारु हो गई है। केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं से उत्तराखंड पुलिस ने अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले http://registrationandtouristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। साथ ही मौसम को ध्यान में रखते हुए गर्म कपड़े, रेन कोट और दूसरा जरूरी सामान साथ रखकर चलें।