Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
बागेश्वर: एक वक्त था जब बेटियों को आगे बढ़ने के मौके नहीं मिलते थे। उनका सफर मायके की दहलीज से शुरू होकर ससुराल के चौके तक सिमट कर रह जाता था, लेकिन अब ये तस्वीर बदलने लगी है।
बीते दिनों उत्तराखंड की कई होनहार बेटियों ने सिविल सेवा की परीक्षा पास की और अब एक अच्छी खबर मेडिकल क्षेत्र से आई है। एनबीइएसएम बोर्ड 2022 नीट पीजी एमडी की परीक्षा में बागेश्वर की बेटी डॉ. दीपा गढ़िया प्रदेशभर में दूसरे स्थान पर रही हैं। उन्होंने 800 अंक में से 591 अंक हासिल किए। दीपा पीजी करने के बाद अपने जिले में सेवाएं देंगी। डॉ. दीपा गढ़िया पूर्व फौजी और हॉकी खिलाड़ी राजेंद्र गढ़िया की बेटी हैं। आगे पढ़िए
पोथिंग गांव में रहने वाली दीपा की शुरुआती पढ़ाई गांव के प्राथमिक स्कूल में हुई। बाद में उन्होंने सेना के विद्यालय से 10वीं और 12वीं पास की। यहां भी दीपा टॉपर रहीं। साल 2016 में नीट यूजी में 720 में से 580 अंक लाकर दीपा ने मेडिकल कॉलेज में प्रवेश किया। कोविड महामारी के दौरान दीपा ने बेहतर काम भी किए। अब वह रेडियोलॉजिस्ट, मेडिसीन में 3 साल की डिग्री लेकर जिले में सेवाएं देंगी। डॉ. दीपा के पिता राजेंद्र गढ़िया ने बताया कि उनकी बेटी की सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। उनकी बिटिया डॉक्टर के तौर पर जिले में सेवाएं देगी, ग्रामीणों की मदद करेगी। किसी भी माता-पिता के लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि डॉ. दीपा के घर आने पर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। उनकी सफलता पर पूरे गांव को गर्व है।