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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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मासूम इमली खा रही थी, इस दौरान उसने इमली की गुठली भी निगल ली, जो उसके गले में फंस गई। बच्ची को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। देखते ही देखते वो बेहोश हो गई। घबराए परिजन बच्ची को तुरंत अस्पताल ले गए, वहां से उसे हायर सेंटर ले जाया जा रहा था, लेकिन बच्ची ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद बच्ची के घर में कोहराम मचा है। माता-पिता गहरे सदमे में हैं, उनके आंसू नहीं थम रहे। घटना थरकोट क्षेत्र की है। जहां 8 साल की अंकिता पुत्री गणेश सिंह अपने परिवार संग रहती थी। पूरा परिवार अंकिता पर जान छिड़कता था। आगे पढ़िए
बीती शाम अंकिता ने एक दुकान से इमली खरीदी। वो इमली खा रही थी कि तभी उसने गलती से इमली की गुठली भी निगल ली, जो कि उसके गले में फंस गई। अंकिता को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। वो जमीन पर गिरकर तड़पने लगी और थोड़ी ही देर में बेहोश हो गई। परिजन आनन- फानन बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने बच्ची की हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन मासूम को हल्द्वानी लेकर जा रहे थे, लेकिन जिला मुख्यालय से करीब दस किमी दूर पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया। थरकोट के पूर्व ग्राम प्रधान किशन सिंह ने बताया कि दुखद घटना में 8 साल की मासूम की मौत हो गई। तब से गांव में मातम पसरा है। बच्ची के परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।