केदारनाथ, हेमकुंड साहिब-चंडी देवी चुटकी बजाते पहुंचेंगे श्रद्धालु, रोपवे को वन्यजीव बोर्ड की हरी झंडी
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कोमल नेगी
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Image: Sonprayag Kedarnath Ropeway Project Detail
रुद्रप्रयाग: आने वाले समय में केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और चंडी देवी में श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए रोपवे की सुविधा देखने को मिलेगी।
Sonprayag Kedarnath Ropeway Project
जी हां, उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड ने श्रद्धालुओं को राहत की खबर दे दी है। केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और चंडी देवी रोपवे को आखिरकार हरी झंडी दे दी है। अब यह प्रस्ताव नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। रोपवे बनने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। बीते मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई वन्यजीव बोर्ड बैठक में इन तीन समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे बनाने का पूर्व में ऐलान किया था। अब इनके बनने की पहले सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है।
दरअसल केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से रोप वे प्रस्तावित है।
Sonprayag Kedarnath Ropeway station
इस रोपवे में गौरीकुंड, चीड़बासा, लिंचौली तीन स्टेशन पड़ेंगे। केदारनाथ में रोपवे निर्माण होने पर सोनप्रयाग से मात्र 25 मिनट में केदारनाथ धाम पहुंचा जा सकेगा। इसके जद में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की लगभग 26.43 हेक्टेयर वनभूमि आ रही है। इसके साथ ही हेमकुंड रोपवे में फूलों की घाटी का लगभग 27.4 हेक्टेयर भूमि आ रही है। इसके साथ ही चंडीदेवी मंदिर के लिए प्रस्तावित रोप वे निर्माण में राजाजी पार्क की लगभग 29 हेक्टयर जमीन आ रही है। यह रोपवे दीनदयाल उपाध्याय पार्क (हरकी पैड़ी के समीप) से बनना है। केदारनाथ रोपवे की लंबाई 13 किमी होगी। 12.5 किमी हेमकुंड साहिब रोपवे और चंडीदेवी रोपवे की लंबाई 2.13 किमी प्रस्तावित है। इनके बनने से केदारनाथ और हेमकुंड जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।