उत्तराखंड: रोप-वे से मिनटों में केदारनाथ-यमुनोत्री पहुंचेंगे आप, जानिए इन प्रोजक्ट्स की खूबियां

kedarnath yamunotri ropeway project रोपवे बनने के बाद यात्री मात्र 15 से 20 मिनट में यमुनोत्री धाम पहुंच सकेंगे। अभी इस दूरी को तय करने में 3 घंटे लगते हैं।
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Image: kedarnath yamunotri ropeway project all details

उत्तरकाशी: धार्मिक पर्यटन उत्तराखंड की आर्थिकी का आधार है। इस आधार को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश में बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

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केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे सेवा शुरू करने की कवायद जारी है। अब यमुनोत्री धाम को भी रोपवे सेवा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग ने निजी कंपनी एसआरएम इंजीनियरिंग एवं एफआईएल इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में पर्यटन विभाग के अवस्थापना निदेशक दीपक खंडूड़ी एवं अविरल जैन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। रोपवे बनने से क्या फायदे होंगे, ये भी बताते हैं। रोपवे सेवा के जरिए यमुनोत्री धाम को खरसाली से जोड़ा जाएगा। अभी पैदल मार्ग से यमुनोत्री धाम पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को दो से तीन घंटे का समय लगता है। रोपवे बनने के बाद यात्री मात्र 15 से 20 मिनट में यमुनोत्री धाम पहुंच सकेंगे।

Yamunotri Ropeway Project

इससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार के संसाधन भी बढ़ेंगे। 3.38 किमी लंबा रोपवे मोनोकेबल डिटेचेबल प्रकार का होगा। इसकी क्षमता एक घंटे में 500 लोगों को ले जाने की होगी। रोपवे के एक कोच में 8 लोग सफर कर सकेंगे। 166.82 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रोपवे का लोअर टर्मिनल खरसाली में 1.787 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा। अपर टर्मिनल 0.99 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा। इसका निर्माण यूरोपीय मानक के अनुसार फ्रांस और स्विटजरलैंड की तर्ज पर किया जाएगा। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि खरसाली से यमुनोत्री धाम तक बनने वाला रोपवे यमुना के ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन धामों को एक साथ जोड़ने एवं प्रदेश के धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं में एक और नए अध्याय का कार्य करेगा। बता दें कि यमुनोत्री चारधाम में दूसरा धाम होगा, जहां रोपवे सेवा शुरू होगी। इससे पहले पीएम नरेन्द्र मोदी केदारनाथ धाम के लिए रोपवे परियोजना का शिलान्यास कर चुके हैं।