लखुडियार गुफाएं कभी आदिमानवों का आवास हुआ करती थीं। यहां आज भी इतिहास के सबूत शैल चित्र के रूप में देखे जा सकते हैं।
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कोमल नेगी
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Image: Lakhudiyar Cave in Almora
अल्मोड़ा: उत्तराखंड में जगह-जगह समृद्ध इतिहास के सबूत बिखरे पड़े हैं, जिन्हें सहेजने की जरूरत है।
Lakhudiyar Cave in Almora
यहां अल्मोड़ा में इतिहास का एक ऐसा खजाना है, जिससे पता चलता है कि उत्तराखंड का संबंध कभी आदिमानव से था। यहां पेटशाल में प्रागैतिहासिक काल की गुफाएं मौजूद हैं। लखुडियार गुफा में आदिमानव रहते थे। आदिमानवों ने इन गुफाओं में शैल चित्र बनाए थे, जिनमें से कुछ चित्र आज भी देखने को मिलते हैं। समय के थपेड़ों ने कुछ चित्रों को मिटा दिया है, अराजक तत्वों ने भी गुफा और यहां बने चित्रों को खूब नुकसान पहुंचाया है, लेकिन सुनसान सी लगने वाली इस जगह में हजारों साल पहले एक फलती-फूलती बस्ती हुआ करती थी। यह प्रागैतिहासिक कालीन गुफाएं अल्मोड़ा से तकरीबन 15 किलोमीटर की दूरी पर हैं। जहां आदिमानवों ने गेरुआ, काले और सफेद रंग से शैल चित्र बनाए थे। आगे पढ़िए
दुखद बात ये है कि ये शैल चित्र अब धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं। इनके मिटने की वजह धूप और बारिश तो है ही, गुफाओं में आने वाले लोगों ने चट्टानों पर अपना नाम लिखकर भी इन्हें मिटाने की कोशिशें की हैं। स्थानीय लोग व पर्यटक मानते हैं कि इस जगह को संरक्षित किए जाने की जरूरत है, ताकि हमारी भावी पीढ़ी भी अपने इतिहास को जी सके। अल्मोड़ा आने वाले पर्यटक इन गुफाओं में बने शैल चित्रों को देखने जरूर आते हैं। अच्छी बात ये है कि पुरातत्व विभाग ने इन गुफाओं की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र को फेंसिंग से कवर करने का प्रयास शुरू कर दिया है। पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद सिंह चौहान ने कहा कि जल्द ही पूरे इलाके को फेंसिंग से कवर किया जाएगा। गुफाओं और शैल चित्रों के संरक्षण की कवायद जारी है।