उत्तराखंड: बैंक में युवक को मिली बेकार कस्टमर केयर सर्विस, मैनेजर पर लगा 1 लाख रुपये जुर्माना

बैंक प्रबंधक को उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी पाया गया। अब प्रबंधक को एक लाख 946 रुपये की धनराशि छह प्रतिशत ब्याज सहित उपभोक्ता के खाते में जमा करानी होगी।
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Image: 1 lakh fine on Uttarakhand Mangalore SBI Manager

रुड़की: रुड़की में एक बैंक को उपभोक्ता संग बदसलूकी करने और उसे सहयोग न करने की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।

1 lakh fine on Mangalore SBI Manager

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बैंक प्रबंधक को उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी पाते हुए एक लाख 946 रुपये की धनराशि छह प्रतिशत ब्याज सहित उपभोक्ता के खाते में जमा कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही बैंक प्रबंधक को पांच हजार रुपये वाद खर्च एवं इतनी ही धनराशि पीड़ित उपभोक्ता को एक महीने के भीतर देनी होगी। मामला रुड़की स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से जुड़ा है। लिब्बरहेड़ी गांव के रहने वाले अविनाश कुमार ने अपने पिता राजेंद्र कुमार के साथ मंगलौर स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया में ज्वाइंट अकाउंट खुलवाया था। जून 2016 में अविनाश ने बैंक खाते से एटीएम के माध्यम से 100 रुपये निकाले और एटीएम को अपने पास सुरक्षित रख लिया। 23 अगस्त 2016 अविनाश अपनी पत्नी के इलाज के लिए मेरठ गए थे। यहां उन्होंने एटीएम से रुपये निकालने चाहे, तो पता चला कि अकाउंट में सिर्फ 99 रुपये हैं।

उन्होंने बैंक पहुंचकर खाते की डिटेल निकालवाई तो पता चला कि 17 और 18 अगस्त 2016 को किसी ने उनके खाते से एक लाख 946 रुपये की रकम निकाल ली है। यह रकम नई दिल्ली के तिलक नगर, टैगोर गार्डन आदि स्थानों से एक ही दिन में छह बार और 20 हजार 900 रुपये अलवर, राजस्थान की एसबीआइ शाखा से निकाले गए हैं। परेशान उपभोक्ता ने बैंक शाखा प्रबंधक को इस बारे में बताया, साथ ही पुलिस में भी केस दर्ज कराया। पीड़ित का कहना है कि बैंक वाले डिटेल देने के नाम पर बहाने बनाते रहे। उन्हें सही जानकारी नहीं दी। बैंक कर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। इसके बाद पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दर्ज कराई। अधिवक्ता अनिल कुमार पुंडीर ने बताया कि आयोग ने बैंक को उपभोक्ता सेवा में दोषी माना है। मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा मंगलौर के प्रबंधक को उपभोक्ता के खाते में राशि जमा करने के आदेश दिए हैं।