लोगों ने कहा कि स्थानीय लोगों को जातिवाद के नाम पर मंदिर में प्रवेश से रोका जाता है, जबकि बाहरी लोग मंदिर के गर्भगृह में केक काट रहे हैं।
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कोमल नेगी
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Image: Birthday cake cut at Hanol Mahasu Devta
देहरादून: उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की अपनी संस्कृति के प्रति अटूट आस्था है। यहां हनोल स्थित महासू देवता का मंदिर पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां अपनी मनौतियां लेकर पहुंचते हैं, लेकिन पिछले दिनों इस मंदिर में कुछ ऐसा हुआ, जिसने स्थानीय लोगों को नाराज कर दिया।
Birthday cake cut at Hanol Mahasu Devta
दरअसल मंदिर के गर्भ गृह में एक व्यक्ति के जन्मदिन का केक काटा गया। पुजारी ने भी उस व्यक्ति को ऐसा करने से नहीं रोका। सोशल मीडिया पर तस्वीरें सामने आईं तो लोग भड़क गए। उनका कहना है कि जहां केक काटा गया वह स्थान हनोल स्थित महासू देवता मंदिर के अंदर चांदी की पौड़ का है। यहां पर पश्चिम सभ्यता के अनुसार केक काटकर जन्मदिन का जश्न मनाया गया, जो हमारी आस्था और संस्कृति के साथ खिलवाड़ है। आगे पढ़िए
सामाजिक कार्यकर्ता भारत चौहान कहते हैं कि ये दुर्भाग्य का विषय है कि जो लोग यहां सदियों से पैतृक निवास कर रहे हैं, ऐसे लोगों को हम जातिवाद के नाम पर मंदिर में प्रवेश नहीं करने देते और जो लोग बाहर से आते हैं वह मजे से जन्मदिन का केक काट कर चले जाते हैं। पुजारी जी भी कुछ नहीं करते। अगर इसे तुरंत नहीं रोका गया तो भविष्य में लोग यहां बर्थ डे पार्टी के साथ न जाने क्या-क्या करेंगे। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस घटना पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि महासू देवता मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसके साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि पिछले कुछ समय से उत्तराखंड के मंदिरों में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं। कुछ दिन पहले एक यूट्यूबर अपने कुत्ते के साथ केदारनाथ मंदिर पहुंच गया था। इस मामले में युवक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी।