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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्याल्दे ब्लाक के चौना वन पंचायत में असंवेदनशीलता की हद हो गई।
कुछ नेपाली मूल के मजदूरों ने जंगल गए पांच मासूम बच्चों को छोटी सी गलती पर उनको कठोर सजा दे डाली और महज गमले गिराने के बदले उन मासूम बच्चों के सिर में लीसा डलवाया। लीसा डालने के मामले में ठेकेदार सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। इससे पहले वन विभाग ने संबंधित लोगों को राजस्व उप निरीक्षक के हवाले कर दिया था। बता दें कि हाल ही में अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे ब्लाक के ग्राम पंचायत टिटरी के गुरना गांव निवासी पांच बच्चे चौना के जंगल में गए थे। उन्होंने खेल-खेल में लीसे के पेड़ों में लगाए कुछ गमले हटा दिए थे। इस पर लीसा ठेकेदार के तीन नेपाली मजदूरों ने उन्हें पकड़कर लीसे से भरे गमले उनके ऊपर उड़ेल दिए।
इसकी वीडियो भी इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुई और लोगों ने जमकर आक्रोश व्यक्त किया। बताया गया है कि लीसा पड़ने से बच्चों को काफी परेशानी हुई। पिछले दो दिन से बच्चे स्कूल में बदहवास हो रहे थे। यह मामला कुछ दिन तो दबा रहा मगर पिछले दो दिनों से इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामला फिर तूल पकड़ गया। इसके बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया और वन विभाग ने तीनों नेपालियों को बृहस्पतिवार को राजस्व उप निरीक्षक के हवाले कर दिया। मौके पर पहुंचे स्याल्दे के तहसीलदार जगदीश गिरी ने बताया कि मामले में एक बच्चे कृष्णा के पिता कुशल सिंह ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। मूल रूप से नेपाल निवासी नीरज बोहरा, मनोज बोहरा और दर्शन धामी के अलावा ठेकेदार अंबादत्त सहित चार लोगों के खिलाफ धारा 323 व 355 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।