केदारनाथ हेली टिकट ठगी का मास्टरमाइंड बिहार से अरेस्ट: पेड़ पर Wi-Fi टांगकर चलाता था गैंग

आरोपी फर्जी साइट तैयार कर फर्जी नंबरों को गूगल पर डालते थे। जो भी लोग गूगल पर केदारनाथ हेली सेवा की बुकिंग के लिए नंबर सर्च करते थे, वो आरोपियों के जाल में फंस जाते थे।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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kedarnath helicopter ticket fraud: Kedarnath helicopter ticket mastermind arrested in Bihar
Image: Kedarnath helicopter ticket mastermind arrested in Bihar

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में पर्यटन की आड़ में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

Kedarnath helicopter ticket mastermind arrested in Bihar

केदारनाथ हेली सेवा के नाम पर भी जालसाजों ने कई लोगों को लाखों का चूना लगाया। लाखों की ठगी के ऐसे ही एक मामले में एसटीएफ ने एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी निक्कू कुमार पुत्र शिवकुमार प्रसाद निवासी नवादा, बिहार और उसके अन्य साथी केदारनाथ यात्रा हेली सेवा के नाम पर कई लोगों को चूना लगा चुके हैं। इन्होंने ऑनलाइन हेली सेवा बुक कराने के नाम पर एक शिकायतकर्ता से 1,18,000 रुपये की ठगी की थी। एसटीएफ ने जांच शुरू की तो पता चला कि धोखाधड़ी के आरोपी बिहार के रहने वाले हैं। बैंक अकाउंट की डिटेल और मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस आरोपियों तक जा पहुंची। इस मामले में अभियुक्त सेन्टी कुमार उर्फ विकास कुमार समेत अन्य आरोपियों की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। अब स्थानीय पुलिस की मदद से अन्य आरोपी निक्कू कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

एसटीएफ एसएसपी उत्तराखंड अजय कुमार ने बताया कि आरोपी फर्जी साइट तैयार कर फर्जी नंबरों को गूगल पर डालते थे। जो भी लोग गूगल पर केदारनाथ हेली सेवा की बुकिंग के लिए नंबर सर्च करते थे, वो आरोपियों के जाल में फंस जाते थे। आरोपी वाई-फाई राउटर को पेड़ पर टांगकर हेली सेवा लेने वाले लोगों को इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से ठगते थे। धनराशि विभिन्न वॉलेट और खातों में मंगवाई जाती थी। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों, धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अनजान कॉलर्स के झांसे में न आएं। ऑनलाइन टिकट बुक कराने से पहले साइट का पूरा वैरिफिकेशन कर जांच-पड़ताल जरूर कर लें। गूगल से किसी भी कस्टमर केयर का नम्बर सर्च न करें। साइबर क्राइम संबंधी घटना की सूचना तुरंत 1930 नम्बर पर दें।