उत्तराखंड: सरकारी स्कूल में क्यों चीखी-चिल्लाई छात्राएं? सामने आई लटकती लाश की बात

स्कूली छात्राओं ने कुछ दिनों पहले एक शव को फंदे पर झूलते देख लिया, जिससे वह बुरी तरह डर गई थीं।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
bageshwar school girls video: Know the reason behind the crying of girls in school of Bageshwar
Image: Know the reason behind the crying of girls in school of Bageshwar

बागेश्वर: बागेश्वर का रैखोली क्षेत्र। यहां के जूनियर हाईस्कूल में गुरुवार को एक ऐसी घटना हुई, जिसने हर किसी को दहशत से भर दिया।

reason behind the crying of girls in school of Bageshwar

स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं अचानक रोने और चीखने-चिल्लाने लगीं। एक-एक कर ये छात्राएं अचानक बेहोश हो गईं। स्कूल की कई छात्राएं एक साथ बेहोश हुईं तो हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। अब मामले की जांच के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इसकी वजह बताई है, जो कि बेहद चौंकाने वाली है। सीएमओ ने कहा है कि स्कूली छात्राओं ने कुछ दिनों पहले एक शव को फंदे पर झूलता हुआ देख लिया था, जिससे वह बुरी तरह डर गई थीं। बता दें कि बीते गुरुवार रैखोली जूनियर हाई स्कूल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई थी, जब कक्षा 8वीं की 6 छात्राएं और दो छात्र अचानक चिल्लाने लगे और रोते-रोते बेहोश हो गए।

इसके बाद आनन-फानन में स्कूल के शिक्षकों ने इन छात्र-छात्राओं को जैसे-तैसे संभाला और उनके माता-पिता को स्कूल में बुलाकर छात्राओं को घर भेज दिया। मामले को लेकर मेडिकल टीम जांच के लिए स्कूल पहुंची थी। इस घटना को कुछ लोग मास हिस्टीरिया बता रहे थे। अब जांच में पता चला है कि कुछ दिन पहले इन छात्राओं ने एक लाश को फंदे से झूलते देख लिया था, तब से सब बुरी तरह डरी हुई थीं। वैसे प्रदेश में इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं। चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के सरकारी स्कूलों में भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बागेश्वर में डॉक्टर्स की टीम ने स्कूल में जाकर छात्राओं की काउंसलिंग की। उनके डर को दूर करने की कोशिश की। उधर स्कूल में अब भी डर का माहौल बना हुआ है, हालांकि स्कूल के शिक्षकों ने अन्य बच्चों को बिना डरे स्कूल आने के निर्देश दिए हैं।