उत्तराखंड पुलिस के 3 जवान सस्पेंड, परिजनों ने ग्रेड पे को लेकर दी थी आंदोलन की धमकी

रविवार को Uttarakhand Police कर्मियों के परिजनों ने एक प्रेस कांफ्रेस में Grade Pay को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी, अब इस प्रेस कांफ्रेस की गाज प्रदेश के 3 पुलिसकर्मियों पर गिरी है।
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
uttarakhand police grade pay 3 jawan suspand: Uttarakhand Police Grade Pay 3 Constable Suspended
Image: Uttarakhand Police Grade Pay 3 Constable Suspended

चमोली: Uttarakhand Police के Grade Pay का मामला एक बार फिर गरमाया हुआ है।

Uttarakhand Police 3 Constable Suspended

रविवार को पुलिसकर्मियों के परिजनों ने एक प्रेस कांफ्रेस में ग्रेड पे को लेकर राज्य सरकार पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया था, आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। अब इस प्रेस कांफ्रेस की गाज प्रदेश के 3 पुलिसकर्मियों पर गिरी है। इन सभी को निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई के विरोध में भी सोमवार को परिजन पुलिस मुख्यालय के बाहर आंदोलन करने के लिए पहुंचे, लेकिन बाद में डीजीपी अशोक कुमार के समझाने के बाद लौट गए। जिन सिपाहियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है, उनमें एसडीआरएफ यमुनोत्री में तैनात कुलदीप भंडारी, चमोली में तैनात दिनेश, पीएचक्यू में तैनात हरिंदर सिंह शामिल हैं। कुछ सिपाहियों को निलंबित करने के साथ ही सभी को चेतावनी भी जारी की गई है। सिपाहियों पर कार्रवाई आचरण नियमावली के तहत की गई है।

नियमावली की धारा 5 (2) और 24 (क) में ऐसे प्रावधान हैं। इन धाराओं में व्याख्या है कि कोई पुलिसकर्मी किसी संगठन का हिस्सा नहीं बन सकता है। धारा 24 में बताया गया कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सिवाय उचित माध्यम से और ऐसे निर्देशों के अनुसार जिन्हें राज्य सरकार समय-समय पर जारी करे, निजी रूप से या अपने परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से सरकार या किसी अन्य प्राधिकारी को कोई आवेदन नहीं करेगा। यहां आपको पूरा मामला भी बताते हैं। दरअसल सीएम की घोषणा के बाद भी 2001 बैच के सिपाहियों को 4,600 ग्रेड पे नहीं मिला है। रविवार को कुछ पुलिसकर्मियों के परिजनों ने इसे लेकर एक प्रेस कांफ्रेस की थी। जिसमें उन्होंने सरकार पर वादा खिलाफी का इल्जाम लगाया और आंदोलन की चेतावनी दी थी। बाद में खुफिया तंत्र ने उन सिपाहियों के बारे में पता किया। सोमवार को डीजीपी अशोक कुमार के निर्देश पर इनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। उधर सिपाहियों पर कार्रवाई से खफा महिलाएं बीते रोज पुलिस मुख्यालय भी पहुंची थीं। इन्होंने डीजीपी से मुलाकात भी की। बातचीत के दौरान उन्हें पुलिस सेवा के नियमों के बारे में बताया गया, जिसके बाद महिलाएं वहां से लौट गईं।