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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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देहरादून: रेलयात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। अब उन्हें ट्रेन में सीट पाने के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
किस बर्थ में, कौन सी सीट खाली है ये जानकारी टीसी या टीटीई खुद यात्री को देंगे, वो भी चलती गाड़ी में। नई सुविधा के तहत अब ट्रेन में खाली सीट या बर्थ की जानकारी यात्री को टीटीई के माध्यम से चलती ट्रेन में ही मिल जाएगी। अगर ट्रेन में सीट या बर्थ खाली है तो यात्री ऑनलाइन भुगतान कर टिकट बनवा सकता है। यह सुविधा देहरादून और दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगी। इसके लिए रेलवे ने हैंड हेल्ड टर्मिनल यानी एचएसटी मशीन उपलब्ध कराई हैं और टीटीई को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इस मशीन में ट्रेन की सभी वेटिंग लिस्ट, आरएसी तथा खाली बर्थों की जानकारी उपलब्ध होगी। हैंड हेल्ड टर्मिनल यानी एचएसटी मशीन का प्रयोग ट्रेन संख्या 12056 देहरादून नई दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस में किया जा रहा है। आगे पढ़िए
इसके लिए समस्त चेकिंग स्टाफ के पास मशीन उपलब्ध है। मुरादाबाद मंडल के टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा जिन गाड़ियों में ड्यूटी की जाती है, उन सभी गाड़ियों में भी जल्द ही टिकट चेकिंग कर्मचारी डिजिटल मशीन द्वारा ड्यूटी करेंगे। मंडल को अभी तक 107 एचएचटी मशीन प्राप्त हुई हैं। एचएचटी मशीन से क्या-क्या फायदे होंगे, ये भी बताते हैं। इससे गाड़ी के प्रत्येक कोच की सभी खाली बर्थों की जानकारी मिलेगी। पेपर ईएफटी के माध्यम से यात्रियों को सीट आवंटित होगी। गाड़ी में कोच श्रेणी के अनुसार वेटिंग लिस्ट देखी जा सकती है। एचएचटी मशीन द्वारा ट्रेन के पूरे चार्ट को चलती ट्रेन में देखा जा सकता है। खाली बर्थो पर वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को सीट आवंटित की जा सकती है। यात्रियों के पेपर टिकट को स्कैन किया जा सकता है। रेलवे पास धारी को बर्थ प्रदान की जाएगी। ड्यूटी समाप्त होने पर अन्य टीटीई को चार्ज देने पर समय नहीं लगेगा। इससे यात्रा किराए की सही जानकारी भी मिल सकेगी, साथ ही पेपर चार्ट की आवश्कता भी नहीं रहेगी।