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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: पहाड़ के लोगों का रेल देखने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। ये बात आप जानते ही होंगे कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन Rishikesh Karnprayag railway line का काम जोर शोर से चल रहा है।
इस कड़ी में इस रेल लाइन पर पहली बार दो किलोमीटर सुरंग आर-पार हुई है। नरकोटा और खांखरा के बीच ये सुरंग बनाई जा रही है। कार्यदायी संस्था मैक्स इंफ्रा इंडिया लिमिटेड (Max Infra India Limited) कोद्वारा इस टनल का काम किया गया है। आपको बता दें कि 2024 तक इस रेल लाइन का काम पूरा होना है। पहाड़ की अधिकांश जगहों पर रेल लाइन सुरंग से होकर गुजरेगी। खांखरा-नरकोटा के बीच इस टनल को आर-पार होने में 1 साल से भी कम समय लगा है। आगे पढ़िए
इस मौके पर एक समारोह आयोजित किया गया। आरवीएनएल के एडिट 6 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेंद्र कुमार आर्य ने कहा ये ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का पहला ब्रेकथ्रू है। इसमें एक साल से भी कम समय लगा है। इस कार्य में करीब पांच सौ मजदूर लगे हुए हैं। रिकॉर्ड टाइम में ये कार्य सेफ्टी के साथ पूरा किया गया। टनल निर्माण कई मुश्किलें आई, लेकिन पूरी टीम ने रात दिन मेहनत करके ये काम पूरा किया। अब आज टनल आर पार हो गई है, जिससे सभी खुश हैं। आपको बता दें कि 2024 तक ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।