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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मास्टरमाइंड सैयद सादिक मूसा के एक साथी को लखनऊ से पकड़ा है।
इस तरह रविवार को पेपर लीक मामले में 34वीं गिरफ्तारी हुई। पेपर लीक कराने का असल मास्टरमाइंड आरएमएस सॉल्यूशन कंपनी के मालिक का खास दोस्त सैयद सादिक मूसा है। उसकी तलाश में एसटीएफ लगातार दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि मूसा अंडग्राउंड हो गया है। उसके नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। पेपर लीक मामले में अब तक कुल 92 लाख कैश बरामद किया जा चुका है। साथ ही पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तों की करोड़ों की अवैध संपत्ति का भी पता लगाया गया। दर्जनों बैंक अकाउंट को फ्रिज भी किया जा चुका है। रविवार को पुख्ता साक्ष्य और टेक्निकल एविडेंस के आधार पर एसटीएफ ने आरोपी संपन्न राव को गोमतीनगर लखनऊ से गिरफ्तार किया।
आरोपी द्वारा परीक्षा से पहले अन्य अभियुक्त के साथ पेपर लीक करने में अहम भूमिका पाई गई। संपन्न राव नकल माफिया सादिक मूसा का साथी है। इससे पहले शनिवार को एसटीएफ ने आयोग के पूर्व संविदा कर्मी पीआरडी जवान को गिरफ्तार किया था। बताया गया कि उसने पहले पकड़े गए आरोपी मनोज जोशी से पेपर लिया और फोटोकॉपी कराने के बाद पत्नी को मुहैया कराया था। आरोपी 2014 से अप्रैल 2022 तक अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में संविदा कर्मी रह चुका है। एसटीएफ ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। बता दें कि पिछले दिनों उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान के पकड़े जाने के बाद उसे ही मास्टरमाइंड बताया जा रहा था। मगर, जब उसने राज खोले तो पता चला कि इसका मास्टरमाइंड लखनऊ का रहने वाला सैयद सादिक मूसा Syed Sadiq Musa है। उसकी गिरफ्तारी की कोशिशें जारी हैं।