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चम्पावत: एक बड़ी खबर चंपावत जिले से आई है। यहां एसडीएम सदर अनिल चन्याल रहस्यमय तरीके से गायब हो गए।
वो न तो घर पर थे और न ही ऑफिस में। जिस वजह से प्रशासन की ओर से सोमवार शाम कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी गई। पुलिस और प्रशासन की तीन टीमें उनकी खोजबीन में जुटी हैं। एसडीएम की गुमशुदगी को लेकर कई बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 15 दिन की छुट्टी के लिए आवेदन किया था लेकिन उनका अवकाश मंजूर नहीं हुआ। उनके दफ्तर में एक पर्ची मिली है जिस पर लिखा हुआ है, ‘मेरा सरकारी फोन जमा कर दें’। अनिल चन्याल मूलरूप से पिथौरागढ़ जिले के गणाई गंगोली के भिगड़ी गांव के निवासी हैं। उनका परिवार हल्द्वानी में रहता है। चन्याल चंपावत में सितंबर 2021 से तैनात हैं। पांच साल पहले भी वह टनकपुर और पाटी में इसी पद पर रह चुके हैं। सोमवार को एसडीएम दफ्तर नहीं पहुंचे, घर पर भी ताला लटका मिला। उनकी निजी और सरकारी कार भी अस्पताल परिसर में पार्क थीं। डीएम ने फोन किया तो एसडीएम के दोनों नंबर पर संपर्क नहीं हो पाया। आगे पढ़िए
बताया जा रहा है कि 10 सितंबर को एसडीएम पंत जयंती के कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले एसडीएम चन्याल की आखिरी फेसबुक पोस्ट नौ सितंबर को साढ़े नौ बजे की है। इसमें उन्होंने लिखा है ट्रैकिंग एंड लॉंग ड्राइव इज ऑलसो ए पीस ऑफ माइंड...। एसडीएम कार्यालय में तैनात पीआरडी जवान रमेश कुमार ने कोतवाली में एसडीएम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है, लेकिन वो इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। एक प्रशासनिक अफसर के इस तरह गायब होने से कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। ये भी कहा जा रहा है कि चन्याल छुट्टी न मिलने से नाराज थे। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि चंपावत के एसडीएम अनिल चन्याल के अचानक गायब होने की जानकारी के बाद उनकी तलाश में प्रशासन और पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। सीसीटीवी, कॉल डिटेल खंगालने के अलावा तीन टीमें SDM Anil Chanyal की खोजबीन में जुटी हैं।