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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी में हुए बस हादसे Pauri Bus Accident में 33 लोगों की मौत के बाद 30 गांवों में मातम पसरा है।
बीते दिनों जब एक के बाद एक शव गांव पहुंचे तो परिजनों की चीख और रोने की आवाजों से हर किसी का कलेजा फट पड़ा। यहां उस बेटी की बात करना भी जरूरी है, जो पति के साथ सुनहरे भविष्य के सपने बुन रही थी, लेकिन दूल्हा बिना उसे साथ लिए वापस लौट गया। बीरोंखाल के कांडा मल्ला गांव में मंगलवार को रचना की शादी थी। घर में बारात के स्वागत की तैयारी चल रही थी, लेकिन किसे पता था कि बारातियों के साथ हादसा हो जाएगा। गांव प्रधान जितेंद्र पटवाल ने बताया कि रचना के घर को खूबसूरती से सजाया गया था। बारातियों के स्वागत के लिए गांव के बाहर गेट सजा था। हलवाई पकवान बना रहे थे, रचना भी शादी के सुर्ख जोड़े में सजकर बारात के आने का इतंजार कर रही थी।
तभी गांव के एक व्यक्ति के फोन पर घंटी बजी और एक मनहूस खबर आई। हादसे में दूल्हे संदीप के सलामत होने की सूचना पर लोगों ने कुछ राहत की सांस ली, लेकिन बारात की बस में दूल्हे के परिजनों और अन्य बरातियों की मौत की खबर ने सबको चौंका दिया। इसके बाद हालात ऐसे बने कि दूल्हा दुल्हन के गांव तक नहीं पहुंच सका। भीषण हादसे के बाद वह घायलों को अस्पताल पहुंचाकर अपने घर लौट गया। किसी को भी यह अंदेशा नहीं था कि बेटी के घर आने वाली बारात घर ही नहीं पहुंचेगी। सिमड़ी में हुए बस हादसे में यमकेश्वर के ताछला गांव के आठ लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हैं। Pauri Bus Accident के बाद दूल्हा संदीप भी बुरी तरह टूट गया है। दूल्हे और दुल्हन के परिवारों में मातम पसरा है।