यूपी के जसपुर के ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख गुरजीत भुल्लर की पत्नी gurpreet kaur की मौत के बाद घर में मातम पसर गया है। यहां करवा चौथ मनाने का लेकर सब खुशी-खुशी तैयारी कर रहे थे
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: kashipur gurpreet kaur death in police firing
उधमसिंह नगर: ऊधम सिंह नगर के काशीपुर में यूपी पुलिस की फायरिंग में ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख की पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद यूपी और उत्तराखंड पुलिस आमने-सामने आ गई है।
kashipur gurpreet kaur death
करवा चौथ से एक दिन पहले हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को आक्रोशित कर दिया। ज्येष्ठ प्रमुख गुरताज भुल्लर के घर में भी करवा चौथ की तैयारियां चल रही थीं। परिवार की सभी महिलाएं इसे लेकर खुश थीं। उन्होंने बाजार जाकर पूजा और श्रृंगार के सामान की खरीदारी की थी, मगर किसे पता था कि शाम होते ही उनके घर में तांडव मचेगा। शाम होते ही पिस्टल हाथ में लेकर मुरादाबाद पुलिस घुस गई और गोलियों की बौछार कर दी। महज 28 वर्ष की गुरप्रीत कौर पुलिस की गोली का शिकार हो गई। गुरप्रीत भुल्लर अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखने वाली थी। पूजन सामग्री के साथ ही नए कपड़े भी खरीदकर लाईं थी, मगर उन्होने शायद यह सपने में भी नहीं सोचा होगा कि अगले दिन ही उनकी मौत यूपी पुलिस के रूप में घर में घुस आएगी। आगे पढ़िए बीती रात काशीपुर में क्या हुआ
Kashipur Police Firing case
10 से 12 यूपी एसओजी टीम के जवान उनके घर में घुसे तो हड़कंप मच गया। गुरप्रीत समझ ही नहीं पाईं कि हुआ क्या। वो कुछ समझ पाती, इससे पहले ही यूपी पुलिस ने सवालों की बौछार कर दी। पुलिस का कहना था कि जिस खनन माफिया पर 50 हजार का ईनाम है, वो इसी घर में छुपा हुआ है। इस बीच घर के मर्दों से पुलिस की कहासुनी शुरू हो गई। अचानक दोनों तरफ से गोलियाें की तड़तड़ाहट शुरू हो गई। गुरप्रीत और घर की महिलाएं खुद को बचाने के लिए किसी सुरक्षित जगहों पर छुप पातीं, इससे पहले ही एक गोली ने गुरप्रीत के प्राण ले लिए। गुरजीत कौर (28) की मौत हो गई और 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। महिला की मौत से नाराज स्थानीय लोगों ने कुंडा थाने के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। वे पुलिसवालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। तनाव के मद्देनजर ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले की पुलिस फोर्स मौके पर बुला ली गई। इस दौरान गुस्साए लोगों की अफसरों से तीखी झड़प हुई। देर रात तक ग्रामीण धरने पर बैठे थे।