चंद्रकांत Chandrakant Bagoria संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी दे चुके हैं। चंद्रकांत ने हमेशा खुद को अपडेट रखा और अपना बैकअप भी तैयार रखा।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Uttarakhand Chandrakant Bagoria secures fifth rank in UPPSC exam
उधमसिंह नगर: हाल ही में यूपीपीएससी का रिजल्ट जारी हुआ जिसमें ऊधम सिंह नगर निवासी चंद्रकांत बगोरिया ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा यूपीपीएससी (Uttar Pradesh Public Service Commission ) में पांचवीं रैंक हासिल कर समूचे जिले के साथ उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
Chandrakant Bagoria secures 5th rank in UPPSC
चंद्रकांत ने पहले ही प्रयास में न सिर्फ परीक्षा पास की बल्कि टॉप टेन सूची में स्थान भी सुनिश्चित किया है। इससे पहले चंद्रकांत संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी दे चुके हैं। जिसमें ने तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचे, मगर उनको सफलता हाथ नहीं लगी। सफलता न मिलने पर भी उन्होंने प्रयास जारी रखा और यूपीपीसीएस में बाजी मार ली। रुद्रपुर के गंगापुर रोड स्थित केशरी विहार कालोनी निवासी राजेद्र बगौरिया के बड़े पुत्र चंद्रकांत बगौरिया शुरू से ही सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य बनाकर चल रहे थे। कॉलेज के समय से ही उन्होंने यह दृढ़ निश्चय ले लिया था कि वह सिविल सर्विसेज में जाएंगे। उनके पिता राजेंद्र बगौरिया अल्मोड़ा के राजकीय इंटर कालेज में शिक्षक व माता भुवनेश्वरी ने उन्हें हमेशा सिविल सर्विस में जाने के लिए प्रेरित किया। आगे पढिए
Chandrakant Bagoria UPPSC success story
नानकमत्ता के सरस्वती शिशु मंदिर से स्कूलिंग के समय चंद्रकांत ने पढ़ाई पर जोर देना शुरू कर दिया था। इसके बाद उन्होंने वर्ष, 2014 में एसआरएमएस इंस्टीट़्यूट बरेली से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर स्नातक की उपाधि ले ली। इसके बाद वह वर्ष, 2014 से यूपीएससी के लिए सेल्फ स्टडी करने लगे। चंद्रकांत बताते हैं कि पूरी रणनीति बनाकर रोजाना छह से सात घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने तीन बार यूपीएससी में इंटरव्यू तक फेस किया। सफलता न मिलने पर भी वे निराश नहीं हुए। बताते हैँ कि उन्होने हमेशा खुद को अपडेट रखा और अपना बैकअप भी तैयार रखा। यूपीपीसीएस 2021 का आवेदन कर यूपीएससी के सिलेबस से मिलान किया तो मैथ्स आदि विषय लगभग समान मिले। जिसके बाद उन्होंने पूरा फोकस इस पर डाल दिया। चंद्रकांत ने बताया कि उनके छोटे भाई मनोज हाल ही में उत्तराखंड में बीडीओ बने हैं, जबकि बहन ममता ने एमटेक किया है। उन्होंने कहा कि पढाई और तैयारी दोनों बहुत अलग चीजे हैं। अधिक समय नहीं बल्कि अलग रणनीति बनाकर और मन लगाकर पढ़ाई करने से आपको सफलता जरूर मिलेगी। इसके अलावा Chandrakant Bagoria ने युवाओं को सिर्फ एक चीज पर निर्भर रहने की अपेक्षा एक बैकअप भी तैयार रखने की सलाह दी है।