Ankita Bhandari Murder Case में न्याय दिलाने के लिए 6 राज्यों से महिला संगठन की 20 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग टीम ने उत्तराखंड में अलग अलग जगहों का दौरा किया ।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
Image: Ankita Bhandari Murder Case Fact Finding Team
ऋषिकेश: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद देशभर के महिला संगठनों ने 20 सदस्य फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाई थी। फैक्ट फाइंडिंग टीम द्वारा 27, 28 और 29 अक्टूबर को उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा किया गया। पौड़ी गढ़वाल के डोभ गांव में अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की गई। श्रीनगर में स्थानीय लोगों पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई। महिला संगठनों की दूसरी टीम ने ऋषिकेश में रिजॉर्ट और बैराज के आसपास जगहों का दौरा किया। अपनी तमाम जांच पड़ताल में फैक्ट फाइंडिंग टीम ने 8 बड़ी बातों पर फोकस किया है। जरा आप भी समझ लीजिए
Ankita Bhandari Murder Case Fact Finding
पुलकित का रिजॉर्ट अवैध जमीन पर बना हुआ है। ये जमीन आयुर्वेदिक फैक्ट्री के नाम पर ली गई थी। इस खुलासे से पता चलता है कि पूरे उत्तराखंड में जमीनों की खरीद-फरोख्त किस तरीके से हो रही है।
VO- महिला संगठन से जुड़ी कविता श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही से कई महत्वपूर्ण सबूत मिट गए हैं। पुलिस और प्रशासन की लापरवाही से कई महत्वपूर्ण सबूत नष्ट हो गए।
अगर रिजॉर्ट को समय पर सील कर दिया गया होता, तो कई सबूत मिल सकते थे, जिससे आरोपियों पर शिकंजा और मजबूती से कसता
यम्केश्वर विधायक रेनू बिष्ट की भूमिका पर भी महिला संगठनों ने सवाल उठाया है। महिला संगठनों का कहना है कि यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट की साक्ष्य मिटाने में क्या भूमिका थी? इस बात का भी संज्ञान लिया जाए। आगे पढ़िए
महिला संगठनों ने विधायक रेनू बिष्ट की भूमिका पर सवाल उठाने के बाद कहा है कि आखिर आनन-फानन में रिसोर्ट में बुलडोजर क्यों चलाया गया?
महिला संगठन द्वारा यह भी बताया गया है कि आरोपी पुलकित आर्य रसूखदार है और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है।
महिला संगठनों का सवाल यह भी है कि अंकिता भंडारी की पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम में कोई गायनाकोलॉजिस्ट क्यों मौजूद नहीं थी?
महिला संगठनों का कहना है कि उनकी टीम को यह भी जानकारी मिली है कि जिस रात रिसोर्ट में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही हो रही थी, तो खुद यम्केश्वर विधायक रेनू बिष्ट भी वहां मौजूद
कुल मिलाकर फैक्ट फाइंडिंग टूम की पड़ताल में इन बातों पर सबे ज्यादा फोकस किया गय़ा है। उधर ताजा अपडेट ये भी सामने आया है कि वनन्तरा रिसॉर्ट से सटी फैक्ट्री में भी आग लगी है। लोग इस बात से भी हैरान हैं कि आखिर ऐसा कैसे हो गया? सवाल ये भी है कि आखिर कब दोषियों को सख्त सजा मिलेगी? अब ये मामला किस ओर मुड़ेगा?