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हल्द्वानी: हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में हुई पुलिसकर्मी की पत्नी ममता बिष्ट की हत्या का पर्दाफाश हो चुका है।
हत्यारोपी और कोई नहीं बल्कि उनके घर में कुछ दिन काम करने वाला अशरफ था। उसने बहुत चतुराई से ममता बिष्ट की हत्या की। ममता के जेवर लूटने के बाद पंतनगर से रुद्रपुर होते हुए किच्छा अपने घर पहुंचा। दूसरे दिन उसने जेवरों को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया। उसने ममता का गलोबंद, मंगलसूत्र व लाकेट को टेबल फैन के पीछे का ढक्कन खोलकर छिपा दिया, जबकि झुमके चोपड़ा मार्केट किच्छा में स्थित मुथुट फाइनेंस कंपनी में 35 हजार रुपये में गिरवी रख दिए थे। पुलिस ने हत्यारे की निशानदेही पर बिल बरामद कर ज्वेलरी कब्जे में ली। आरोपी किच्छा के वार्ड 15 का निवासी है। अशरफ ने छह माह पहले ही सात दिन तक सिपाही के घर पर ग्रिल का काम किया था। उस दौरान उसे पता था कि सिपाही के घर पर जेवर व अच्छा खासा पैसा मौजूद है।
एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि अशरफ ने ममता को मारने के बाद लूट की। जल्दबाजी में वह कम जेवर लेकर फरार हो गया था। हत्या में प्रयुक्त हथौड़े को भी वह जीतपुर नेगी के पास एक गन्ने के खेत में फेंककर चला गया।घर पहुंचने के बाद हत्यारे ने कपड़े धोए, लेकिन खून के धब्बे कपड़े में कई जगह से मिटे नहीं थे। दूसरे दिन उसने आधे जेवर घर में छिपा दिए। झुमके 35 हजार रुपये में गिरवी रखकर आ गया। हत्यारोपी अशरफ ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि किच्छा में ही वह वेल्डिंग का काम करता है। उसकी दुकान भी है। पिछले पांच महीने से वह दुकान का किराया नहीं दे पाया था जिसके चलते दुकान मालिक ने दुकान पर ताला डाल दिया था। उस पर करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज भी हो गया था। इसी कर्ज के चलते उसने ममता बिष्ट को मौत के घाट उतारा।