गढ़वाल में जिंदा महिला को कागजों में मरा हुआ दिखाया, रोक दी गई पेंशन..गजब हाल है

मालदेई बुजुर्ग हैं, आमदनी का कोई जरिया नहीं है। ऐसे में वृद्धावस्था पेंशन ही एकमात्र सहारा है, लेकिन पिछले 5-6 महीने से उनकी पेंशन नहीं आई।
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Image: Uttarkashi Maldei old age pension stopped

उत्तरकाशी: सरकार और प्रशासन जनता की सेवा के लिए हैं, लेकिन सरकारी विभागों में जब-तब लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।

Uttarkashi Maldei old age pension stopped

उत्तरकाशी की रहने वाली 70 साल की बुजुर्ग मालदेई भी इन दिनों बेहद परेशान हैं। मालदेई बुजुर्ग हैं, आमदनी का कोई जरिया नहीं है। ऐसे में गुजर-बसर के लिए वृद्धावस्था पेंशन ही एकमात्र सहारा है। लेकिन पिछले 5-6 महीने से उनकी पेंशन नहीं आई। अब पता चला है कि ग्रामसभा के कर्ता-धर्ताओं ने पेंशन सत्यापन रिपोर्ट में पीड़ित का नाम मृतक पेंशनरों में दर्ज कर दिया था। नतीजतन समाज कल्याण विभाग ने बुजुर्ग महिला की पेंशन बंद कर दी। पीड़ित मालदेई नौगांव विकासखंड के मोल्डा में रहती हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से उन्हें पेंशन मिला करती थी, लेकिन जब पांच–छह महीने से पेंशन नही मिली तो मालदेई परेशान हो गईं।

खर्चा चलाना मुश्किल हो गया तो उनके बेटे ने पड़ताल की। जिसमें ग्राम पंचायत की लापरवाही सामने आई। पता चला कि ग्राम पंचायत की ओर से दी जाने वाली पेंशन सत्यापन रिपोर्ट में पीड़ित का नाम मृतक पेंशनरों की लिस्ट में दर्ज कर दिया गया, जिससे उनकी पेंशन रोक दी गई। अब पीड़ित ने इसे लेकर बड़कोट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मालदेई ने कहा कि उनकी आय का कोई स्त्रोत नहीं है। वो पूरी तरह पेंशन पर ही निर्भर हैं। पेंशन बंद होने से उन्हें मानसिक कष्ट पहुंचा है। पीड़ित ने मामले में उचित कार्रवाई कर पेंशन दिलाने की। वहीं इस मामले को लेकर ग्राम प्रधान मोल्डा देव प्रसाद ने भी अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कलम की भूल के चलते ऐसा हुआ है। बुजुर्ग महिला को जल्द से जल्द उनकी पेंशन दिलाई जाएगी। समाज कल्याण विभाग को मामले की जानकारी दे दी गई है, जिसके बाद आगे की कार्यवाही जारी है।