उत्तराखंड के किसी थाना क्षेत्र में ड्रग्स पकड़ी गई, तो थाना प्रभारी भी नपेंगे..DGP ने दे दी वॉर्निंग!

DGP अशोक कुमार ने कहा कि अब थाना प्रभारी द्वारा थाना स्तर पर ड्रग्स तस्करी पर रोकथाम नहीं लगाई गई, तो कार्रवाई हो सकती है।
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uttarakhand dgp ashok kumar: Uttarakhand DGP Instruction to Police Officers
Image: Uttarakhand DGP Instruction to Police Officers

देहरादून: 11 नवम्बर, 2022 को उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। DGP अशोक कुमार ने कहा कि अब थाना प्रभारी द्वारा थाना स्तर पर ड्रग्स तस्करी पर रोकथाम नहीं लगाई गई, तो कार्रवाई हो सकती है।

Uttarakhand DGP Instruction to Police Officers

1. थाना स्तर पर मादक पदार्थों की रोकथाम करना थानाध्यक्ष की नैतिक जिम्मदारी है। यदि राज्य स्तर की टास्क फोर्स किसी थाने क्षेत्र पर जाकर ड्रग्स पकडती है, तो सम्बन्धित थाना प्रभारी की भी जवाबदेही तय की जाएगी। यानी साफ है कि थाना प्रभारी पर कार्रवाई भी हो सकती है।
2. जिला स्तरीय टास्क फोर्स में कर्मठ, लगनशील, कार्यों के प्रति समर्पित पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए।
3. ड्रग्स पैडलिंग में लिप्त अपराधियों एवं माफियाओं को चिन्हित कर उनपर मादक पदार्थ अधिनियम, PIT NDPS एवं गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत प्रभावी कार्यवाही करें। साथ ही इनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति भी जब्त की जाए।
4. यदि ड्रग्स पैडर्ल्स के साथ किसी कर्मी की संल्पिता पायी जाती है, तो उसके विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।
5. एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के कार्यों की पुलिस मुख्यालय द्वारा मासिक समीक्षा की जाएगी।